एनसीईआरटी कक्षा 12 गणित अध्याय 4 सारणिक नोट्स

कक्षा 12 एक बोर्ड कक्षा हैं और कक्षा 12 में दिय गय अध्याय थोड़ा पेंचीदा भी हैं। इसलिय छात्रों के समस्या को कम करने के लिए हमने बोर्डस्टडी एक्सपर्ट द्वारा तैयार कक्षा 12 गणित अध्याय 4 सारणिक नोट्स दिया हैं। ये कक्षा 12 छात्रों के लिए रामबाण हैं। इसलिय कक्षा 12 में अध्ययरत सभी छात्र एवं छात्राओं को इस नोट्स का लाभ उठाना चाहिय।

जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 12 गणित अध्याय 4 सारणिक नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें सारणिक अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।

सारणिक नोट्स

अध्याय 3: आव्यूह नोट्स
अध्याय 5: सांतत्य तथा अवकलनीयता नोट्स

नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

n कोटि के प्रत्येक वर्ग आव्यूह A=[aij] को एक संख्या द्वारा संबंधित करा सकते है जिसे वर्गn \text{ कोटि के प्रत्येक वर्ग आव्यूह } A = [a_{ij}] \text{ को एक संख्या द्वारा संबंधित करा सकते है जिसे वर्ग}
आव्यूह का सारणिक कहते है। इसे |A| या det⁡(A) या Δ के द्वारा भी निरूपित किया जाता\text{आव्यूह का सारणिक कहते है। इसे } |A| \text{ या } \det(A) \text{ या } \Delta \text{ के द्वारा भी निरूपित किया जाता}
है।\text{है।}
यदि A=[aamp;bcamp;d]\text{यदि } A = \begin{bmatrix} a & b \\ c & d \end{bmatrix}
तो A के सारणिक को |A|=|aamp;bcamp;d|=det⁡(A) के द्वारा लिखा जाता है।\text{तो A के सारणिक को } |A| = \begin{vmatrix} a & b \\ c & d \end{vmatrix} = \det(A) \text{ के द्वारा लिखा जाता है।}

द्वितीय कोटि के आव्यूह का सारणिक (Determinant of a matrix of order two)

माना 2×2 कोटि का आव्यूह A=[a11amp;a12a21amp;a22]\text{माना } 2 \times 2 \text{ कोटि का आव्यूह } A = \begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} \\ a_{21} & a_{22} \end{bmatrix}
det⁡(A)=|A|=Δ=|a11amp;a12a21amp;a22|\det(A) = |A| = \Delta = \begin{vmatrix} a_{11} & a_{12} \\ a_{21} & a_{22} \end{vmatrix}
=a11⋅a22−a21⋅a12= a_{11} \cdot a_{22} – a_{21} \cdot a_{12}
उदाहरण— |2amp;4−5amp;−1| का मान ज्ञात कीजिए।\text{\textbf{उदाहरण—} } \begin{vmatrix} 2 & 4 \\ -5 & -1 \end{vmatrix} \text{ का मान ज्ञात कीजिए।}
हल— |2amp;4−5amp;−1|=2(−1)−4(−5)\text{\textbf{हल—} } \begin{vmatrix} 2 & 4 \\ -5 & -1 \end{vmatrix} = 2(-1) – 4(-5)
=−2+20= -2 + 20
=18= 18

a2d17046 24fc 47d5 9f66 0995a7948f60 कोटि के आव्यूह का सारणिक (Determinant of a matrix of order f0dd3241 80af 48f6 8675 23170d69df06)

तृतीय कोटि के आव्यूह के सारणिक को द्वितीय कोटि के सारणिकों में व्यक्त करके ज्ञात किया जाता है। यह एक सारणिक का एक पंक्ति (या एक स्तंभ) के अनुदिश प्रसरण कहलाता है। तृतीय कोटि के सारणिक को छह प्रकार से प्रसारित किया जाता है। तीन पंक्तियों (d8a670a7 3474 493e 9fca fe15a2ebe7cf) में से प्रत्येक के संगत और तीन स्तंभ (706bb0ff 9de6 4198 b599 23b560e73132) में से प्रत्येक के संगत।

सारिणकों के गुणधर्म

सारिणकों के गुणधर्म का प्रयोग करके इनका प्रसरण (विस्तार) बहुत सुगमता से किया जा सकता है। साथ ही गुणधर्मों की भी जाँच करने के लिए भी इनका प्रयोग किया जाता है।

  • किसी सारणिक का मान इसकी पंक्तियों और स्तंभों के परस्पर परिवर्तित करने पर अपरिवर्तित रहता है। यदि 08a45d37 b921 4137 acd5 3dd4a048001d=iवीं पंक्ति और d5ba1be6 a160 41fd bd67 d1793881c450=iवाँ स्तंभ है ,तो पंक्तियों और स्तंभों के परस्पर परिवर्तन को 5d466475 5577 43a0 a993 abb5accb8b8c संकेतन से लिखा जाता है।
  • यदि एक सारणिक की कोई दो पंक्तियों (या स्तंभों) को परस्पर परिवर्तित कर दिया जाता है ,तब सारणिक का चिन्ह परिवर्तित हो जाता है
  • यदि एक सारणिक की कोई दो पंक्तियां (अथवा स्तंभ)समान है (सभी संगत अवयव समान है )तो सारणिक का मान शून्य होता है।
  • यदि एक सारणिक के किसी एक पंक्ति (अथवा स्तंभ)के प्रत्येक अवयव को एक अचर 831674bf c6a8 4e7b a6aa dc1f32fe9088,से गुणा करते है तो उसका मान भी 3e512cf2 810d 410d a644 b01b6dcc8d2f से गुणित हो जाता है।
  • यदि एक सारणिक की एक पंक्ति या स्तंभ के कुछ या सभी अवयव दो (या अधिक)पदों के योगफल के रूप में व्यक्त हो तो सारणिक को दो (या अधिक) सारणिकों के योगफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।

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