कक्षा 11 एक बहुत ही महत्वपूर्ण कक्षा हैं| ये 12th क्लास के लिए आधार का काम करता हैं। कक्षा 12 में मजबूत पकड़ बनाने के लिय कक्षा 11 को मजबूत करना बहुत ही जरूरी हैं। गणित वैसे भी एक रोचक विषय हैं लेकिन काफ़ी बच्चों को इसमें कठिनाई महसूस होती हैं। इसलिय हमने कक्षा 11 गणित अध्याय 10 शंकु परिच्छेद नोट्स दिया हैं जो की बोर्ड स्टडी एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया हैं।
जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 11 गणित अध्याय 10 शंकु परिच्छेद नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें शंकु परिच्छेद अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।
शंकु परिच्छेद नोट्स
अध्याय 9: सरल रेखाएँ नोट्स
अध्याय 11: त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय नोट्स
नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
एक लम्बवृत्तीय द्विशंकु और एक समतल के परिच्छेदन से प्राप्त वक्र को शंकु परिच्छेद या शांकव कहते है।
लम्बवृत्तीय द्विशंकु और एक तल के परिच्छेदन के परिणाम स्वरूप विभिन्न प्रकार के वक्र जैसे वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और
अतिपरवलय प्राप्त होते हैं। परवलय और अतिपरवलय नाम अपोलोनियस (262B.C.-190B.C.) द्वारा दिये गये हैं।
माना l एक स्थिर रेखा है, m दूसरी रेखा है जो पहली रेखा को स्थिर बिन्दु v पर प्रतिच्छेद करती है और कोण
बनाती है, परिच्छेदी तल, शंकु के लम्बवत अक्ष के साथ कोण बनाता है। यदि रेखा m को रेखा l के परितः इस
प्रकार घुमाते हैं कि सभी स्थितियों में अचर रहे तब उत्पन्न पृष्ठ एक लम्बवृत्तीय खोखला द्विशंकु प्राप्त होता है।
बिन्दु v को शंकु का शीर्ष (vertex), रेखा l शंकु का अक्ष (axis) तथा घुमने वाली रेखा m शंकु की जनक
(generator) कहलाती है। शीर्ष शंकु को दो भागों में विभक्त करता है जिन्हें नापे (nappes) कहते हैं।
शंकु के परिच्छेद
(i) जब तल, शंकु के नापे (शीर्ष के अतिरिक्त) को काटता है तथा परिच्छेदी तल, शंकु के लम्बवत अक्ष के साथ 90
का कोण बनाता है। अर्थात =90, तो शांकव एक वृत्त होता है। परन्तु जब तल, शंकु के नापे को शीर्ष पर काटता है
वृत्त (Cercle)
तल में स्थित उन सभी बिन्दुओं का बिन्दुपथ जिनकी स्थिर बिन्दु से दूरी सदैव समान होती है, वृत्त कहलाता है।
स्थिर बिन्दु को केन्द्र तथा एक समान दूरी को वृत्त की त्रिज्या कहते है।
यदि शांकव की द्विघात समीकरण
उदाहरण (Example):