कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद नोट्स पीडीएफ़

कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।

वैसे तो इतिहास एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।

भारत में राष्ट्रवाद नोट्स

अध्याय 3 : भूमंडलीकृत विश्व का बनना

महत्वपूर्ण तथ्य

पहला विश्वयुद्ध, खिलाफत और असह‌योग
यूरोप में होने वाला यह एक वैश्वीक युद्ध था। जो 28 जुलाई 1914 से 11 नवंबर 1918 तक चला था। इसे महान युद्ध या सभी युद्धों को समाप्त करने वाला युद्ध के रूप में जाना जाता है। 

जबरन भर्ती:- इस प्रक्रिया के अन्तर्गत अंग्रेज भारतीय लोगों को अपनी सेना में जबरदस्ती भर्ती कर लेते थे।

सत्याग्रह का विचार:- 

  • सत्याग्रह जन आंदोलन का एक नया तरिका था। 
  • सत्याग्रह के विचार में साथ की शक्ति पर आग्रह एंव साथ की खोज पर बल दिया जाता था। इसका अर्थ यह था कि यदि आपका उदेश्य सच्चा है, यदि आपका संघर्ष अन्याय के विरन्द्ध है। तो उत्पीड़क से मुकाबला करने के लिए आपको किसी शारीरिक बल की आवशयकता नहीं है। 
  • प्रतिशोध की भावना अथवा आक्रामकत्ता का सहारा लिए बिना सत्याग्रही केवल अंहिसा के सहारे भी अपने संघर्ष में सफल हो सकता है। इसके लिए दमनकारी शत्रु की चेतना को झिंझोड़ना चाहिए। 
  • इस संघर्ष में अंततः सत्य की ही विजय होनी है। गाँधीजी का दृढ विश्वास था कि अंहिसा का यह धर्म समस्त भारतीयों की एकता के सूत्र में बाँध सकता है। गाँधीजी के सत्याग्रह से सम्बन्धित तीन स्थान- चंपारन – बिहार, खेड़ा – गुजरात, अहमदाबाद-गुजरात

सत्याग्रह पर गाँधीजी के विचार:- 

(1.) 1917 में उन्होंने बिहार के चंपारण इलाके का दौरा किया और दमनकारी बागान व्यवस्था के खिलाफ किसानों को संघर्ष के लिए प्रेरित किया। 

(2) 1917 में उन्होंने गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों की मदद के लिए सत्याग्रह का आयोजन किया। 

(3.) 1918 में गाँधीजी सूती कपड़ा कारखानों के मजदूरों के बीच सत्याग्रह आंदोलन चलाने अहमदाबाद जा पहुँचे। 

NOTE : महात्मा गांधी जनवरी 1915 में दक्षिणी अफ्रीका से भारत वापस आये थे। 

रॉलट एक्ट:- रॉलट एक्ट इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउन्सिल द्वारा पारित एक ऐसा कानून था। जिसके तहत ब्रिटिश सरकार को राजनीतिक गतिविधियों को कुचलने एंव राजनीतिक कैदियों को दो साल तक बिना मुकदमा चलाये जेल में बन्द रखने की अनुमति मिल गयी थी। इस एक्ट का भारतियों ने विरोध किया।

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