कक्षा 10 भूगोल अध्याय 1 संसाधन एंव विकास नोट्स पीडीएफ़

कक्षा 10 भूगोल अध्याय 1 संसाधन एंव विकास नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।

वैसे तो भूगोल एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 भूगोल अध्याय 1 संसाधन एंव विकास नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।

संसाधन एंव विकास नोट्स

अध्याय 2 : वन एवं वन्य जीव संसाधन

महत्वपूर्ण तथ्य

संसाधन: हमारे पर्यावरण में उपलब्ध वे समस्त पदार्थ या तत्व जो हमारी आवशयकताओं को पूरा करने में प्रयोग किये जाते है। और जिनका उपयोग करने के लिए तकनीकी ज्ञान उपलब्ध है जो आर्थिक रूप से संभाव्य एवं सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हैं संसाधन कहलाते है। 

संसाधनों का वर्गीकरण:- 

  1. उत्पति के आधार पर: जैव और अजैव
  2. समाप्यता के आधार पर: नवीकरण अनवीकरण योग्य 
  3. स्वामित्व के आधार पर: व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय 

संसाधनों के प्रकार :- 

उत्पति के आधार पर 

जैव संसाधन:- वे संसाधन जिनका जैवमण्डल में एक निश्चित जीवन-चक्र होता है। जैव संसाधन कहलाते है। जैसे- वनस्पति, मनुष्य, पशु, पक्षी, छोटे जीव, वन्य प्राणी, मछली आदि । 

अजैव संसाधन:- वे सारे संसाधन जो निर्जीव वस्तुओं से बने हैं अजैव संसाधन कहलाते है। जैसे- लोहा, सोना, कोयला, चट्टाने आदि। 

समाप्यता के आधार पर 

नवीकरण योग्य संसाधन:- वे समस्त संसाधन जिनको भौतिक, रासायनिक अथवा यांत्रिक प्रक्रियाओं द्वारा नवीकृत या पुनः उत्पन्न उत्पन्न किया जा सकता है। नवीकरण योग्य संसाधन कहलाते हैं।

जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा जल, वन, कृषि आदि । 

अनवीकरण योग्य संसाधन:- वे समस्त संसाधन जिनको एक बार उपयोग में लेने के पश्चात् पुनः पूर्ति किया जाना सम्भव नहीं है। अनवीकरण योग्य संसाधन कहते है। जैसे- कोयला, खनिज तेल, यूरेनियम, प्राकृतिक गैस आदि। 

स्वामित्व के आधार पर

व्यक्तिगत संसाधन:- वे संसाधन जिन पर व्यक्तिगत स्वामित्व होता होता है। व्यक्तिगत संसाधन कहलाते है। जैसे- बाग, चारागाह, कुंआ, तालाब, घर, कार आदि। 

सामुदायिक संसाधन:- ऐसे संसाधन जो समुदाय के सभी सदस्यों के लिए समान रूप से उपलब्ध होते है। सामुदायिक संसाधन कहलाते है। जैसे- खेल का मैदान, चारागाह, श्मसान भूमि, तालाब 

राष्ट्रीय संसाधन:- वे सभी संसाधन जिन पर केन्द्र अथवा राज्य सरकार का नियंत्रण होता है। राष्ट्रीय संसाधन कहलाते है। देश की राजनीतिक सीमाओं के भण्डार एंव समुद्र तट से 12 समुद्री मील दूर तक के क्षेत्र में उपलब्ध खनिज जल-संसाधन, भूमि, वन, वन्य जीव आदि।

अन्तर्राष्ट्रीय संसाधन:- इन संसाधनों को अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएँ नियन्त्रित करती है। तट रेखा से 200 किमी. की दूरी (अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र) से परे खुले महासागरीय संसाधनों पर किसी एक देश का अधिकार नहीं होता।

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