कक्षा 10 भूगोल अध्याय 2 वन एवं वन्य जीव संसाधन नोट्स एवं पीडीएफ़

कक्षा 10 भूगोल अध्याय 2 वन एवं वन्य जीव संसाधन नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।

वैसे तो भूगोल एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 भूगोल अध्याय 2 वन एवं वन्य जीव संसाधन नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।

वन एवं वन्य जीव संसाधन नोट्स

अध्याय 3 : जल संसाधन

महत्वपूर्ण तथ्य

जैव-विविधता:- पेड़-पौधों एवं प्राणि-जगत में जो विभिन्न प्रकार की प्रजातियाँ मिलती है। “जैव विविधता कहलाती है। दूसरे शब्दों में जैव-विविधता वनस्पति व प्राणियों में पाए जाने वाले जातीय विभेद को प्रकर करती है।

जैव विविधता मानव जीवन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है- क्योंकि जैव विविधता के कारण मानव को अनेक प्रकार की आवशयक वस्तुएँ प्राप्त होती है। जिससे पृथ्वी पर उसका जीवन सम्भव है। वन्य जीवन और कृषि फसल उपजातियों में अत्यधिक जैव विविधता पाई जाती है।।

भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात:-

भारत में वनस्पतिजातः-

किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाने पेड़-पौधे उस क्षेत्र के ‘वनस्पति जात’ कहलाते है। 

भारत जैव विविधता की दृष्टिकोण से समृ‌द्ध देशों में से एक है।

भारत में लगभग 47 हजार वनस्पतियों की प्रजातियाँ पाई जाती है।

लगभग 1500 सौ वनस्पति की जातियाँ लुप्त होने के और बढ़ रहा है।

भारत में प्राणिजात:-

किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाने वाले जीव-जन्तुओं की प्रजातियाँ उस क्षेत्र के ‘प्राणि जात’ कहलाते है।

  • भारत में लगभग 81 हजार वन्य जीवन जातियां पाई जाती है।
  • भारत में बड़े स्तनधारियों की 79 जातियाँ
  • पक्षियों की 44 जातियां, सरीसृपों की 15 जातियाँ

भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण :-

भारतीय वन्यजीवन संरक्षण अधिनियम:- भारत में वन्य जीवों की सुरक्षा हेतु भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम) 1972 को लागू किया गया है। जिसमें वन्य जीवों की सुरक्षा हेतु अनेक प्रावधान है।

वन एवं वन्य जीवों का संरक्षण क्यों आवश्यक है:- वन एंव वन्य जीवों के संरक्षण से पारिस्थितिक विविधता बनी रहती है। तथा हमारे जीवन के मूलभूत संसाधन-जल, वायु और मृदा आदि बने रहते है। ये विभिन्न जातियों में बेहतर जनन के लिए वनस्पति और पशुओं में जीन्स विविधता को भी संरक्षित करते है।

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