कक्षा 10 हिन्दी PYQ 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण सामाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। परीक्षा की तैयारी के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना। ये कक्षा 10 PYQ 2025 कक्षा 10 परीक्षा पैटर्न, कठिनाई स्तर और पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार की स्पष्ट समझ प्रदान करेंगे। बोर्डस्टडि एक्सपर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।
वैसे तो हिन्दी एक रोचक और आसान विषय हैं लेकिन कभी कभी आसान के चलते छात्र इस विषय को छोर देते है| इस विषय को अगर अच्छा से पढ़ा जाए तो सबसे जायदा स्कोर इसी विषय मे ला सकते है I छात्र कक्षा 10 हिन्दी PYQ 2025 की मदद से अपने आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए अच्छे से रणनीति बना सकते हैं।
CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025 SET 1 Question
CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025 SET 1 Solution
CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025 SET 2 Question
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CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025 SET 1 Question
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CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025 SET 2 Question
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CBSE Class 10 Hindi PYQ 2019
CBSE Class 10 Hindi PYQ 2026
परीक्षा हाल में प्रशन पत्र मिलने के बाद छात्रों को प्रश्न पत्र अच्छे से पढ़ना चाहिय। सबसे पहले आसान एवं सरल प्रशनो का उत्तर दे ताकि बाकि के प्रशन के लिए पर्याप्त समय मिल जाय। लेखन वाले प्रश्नों का उत्तर निश्चित शब्द सीमा में देना रहता हैं। ये कक्षा 10 हिंदी PYQ 2025 इसका भी अभ्यास करने में काफ़ी मदद करंगे। प्रश्न पत्र लिखने वक़्त अपने वर्तनी एवं शब्दों का ठीक से ध्यान रखे।
Important Question of CBSE Class 10 Hindi PYQ 2025
प्रश्न :
निर्देशानुसार ‘पद-परिचय’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए :
(i) उन्होंने बताया कि संगीत एक आराधना है।
(ii) वे बेहद कोमल और संवेदनशील थे।
(iii) ‘नेताजी का चश्मा’ नामक कहानी स्वयं प्रकाश जी ने लिखी है।
(iv) रामवृक्ष बेनीपुरी की भाषा सहज, प्रवाहमयी तथा प्रसंगों से भरी हुई है।
(v) पान वाले ने पीछे की तरफ मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका।
हल :
| (i) | उन्होंने – सर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्यपुरुष, पुल्लिंग/स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक, |
| (ii) | और – अव्यय, समुच्चयबोधक, समानाधिकरण, कोमल और संवेदनशील पदों को जोड़ना |
| (iii) | नेताजी का चश्मा – संज्ञा, व्यक्तिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन |
| (iv) | सहज – विशेषण, गुणवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, ‘भाषा’ विशेष्य |
| (v) | पीछे की तरफ – अव्यय, क्रियाविशेषण, स्थानवाचक, ‘मुड़कर’ क्रिया की विशेषता |
प्रश्न :
‘आत्मकथ्य’ कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। कवि की इस सोच के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
हल :
जीवन के उतार-चढ़ाव और विफलताओं के बारे में अपने मित्रों या औरों को बताकर वह उनके उपहास का पात्र नहीं बनना चाहता
अतीत के घाव पुनः हरे हो जाने और उससे होने वाली पीड़ा से बचना
उसके जीवन की सुखद स्मृतियाँ नितांत निजी
सुखद स्मृतियाँ उसके संघर्षपूर्ण जीवन में अवलंब की तरह