कक्षा 12 एक बोर्ड कक्षा हैं और कक्षा 12 में दिय गय अध्याय थोड़ा पेंचीदा भी हैं। इसलिय छात्रों के समस्या को कम करने के लिए हमने बोर्डस्टडी एक्सपर्ट द्वारा तैयार कक्षा 12 गणित अध्याय 4 सारणिक नोट्स दिया हैं। ये कक्षा 12 छात्रों के लिए रामबाण हैं। इसलिय कक्षा 12 में अध्ययरत सभी छात्र एवं छात्राओं को इस नोट्स का लाभ उठाना चाहिय।
जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 12 गणित अध्याय 4 सारणिक नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें सारणिक अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।
सारणिक नोट्स
अध्याय 3: आव्यूह नोट्स
अध्याय 5: सांतत्य तथा अवकलनीयता नोट्स
नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
द्वितीय कोटि के आव्यूह का सारणिक (Determinant of a matrix of order two)
कोटि के आव्यूह का सारणिक (Determinant of a matrix of order
)
तृतीय कोटि के आव्यूह के सारणिक को द्वितीय कोटि के सारणिकों में व्यक्त करके ज्ञात किया जाता है। यह एक सारणिक का एक पंक्ति (या एक स्तंभ) के अनुदिश प्रसरण कहलाता है। तृतीय कोटि के सारणिक को छह प्रकार से प्रसारित किया जाता है। तीन पंक्तियों () में से प्रत्येक के संगत और तीन स्तंभ (
) में से प्रत्येक के संगत।
सारिणकों के गुणधर्म
सारिणकों के गुणधर्म का प्रयोग करके इनका प्रसरण (विस्तार) बहुत सुगमता से किया जा सकता है। साथ ही गुणधर्मों की भी जाँच करने के लिए भी इनका प्रयोग किया जाता है।
- किसी सारणिक का मान इसकी पंक्तियों और स्तंभों के परस्पर परिवर्तित करने पर अपरिवर्तित रहता है। यदि
=iवीं पंक्ति और
=iवाँ स्तंभ है ,तो पंक्तियों और स्तंभों के परस्पर परिवर्तन को
संकेतन से लिखा जाता है।
- यदि एक सारणिक की कोई दो पंक्तियों (या स्तंभों) को परस्पर परिवर्तित कर दिया जाता है ,तब सारणिक का चिन्ह परिवर्तित हो जाता है
- यदि एक सारणिक की कोई दो पंक्तियां (अथवा स्तंभ)समान है (सभी संगत अवयव समान है )तो सारणिक का मान शून्य होता है।
- यदि एक सारणिक के किसी एक पंक्ति (अथवा स्तंभ)के प्रत्येक अवयव को एक अचर
,से गुणा करते है तो उसका मान भी
से गुणित हो जाता है।
- यदि एक सारणिक की एक पंक्ति या स्तंभ के कुछ या सभी अवयव दो (या अधिक)पदों के योगफल के रूप में व्यक्त हो तो सारणिक को दो (या अधिक) सारणिकों के योगफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।