एनसीईआरटी कक्षा 11 गणित अध्याय 2 संबंध एवं फलन नोट्स

कक्षा 11 एक बहुत ही महत्वपूर्ण कक्षा हैं| ये 12th क्लास के लिए आधार का काम करता हैं। कक्षा 12 में मजबूत पकड़ बनाने के लिय कक्षा 11 को मजबूत करना बहुत ही जरूरी हैं। गणित वैसे भी एक रोचक विषय हैं लेकिन काफ़ी बच्चों को इसमें कठिनाई महसूस होती हैं। इसलिय हमने कक्षा 11 गणित अध्याय 2 संबंध एवं फलन नोट्स दिया हैं जो की बोर्ड स्टडी एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया हैं।

जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 11 गणित अध्याय 2 संबंध एवं फलन नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें संबंध एवं फलन अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।

संबंध एवं फलन नोट्स

अध्याय 1: समुच्चय नोट्स
अध्याय 3: त्रिकोणमितीय फलन नोट्स

नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

परिभाषा—दो वस्तुओं के ऐसे जोड़े को जिन्हें एक क्रम में

प्रकट किया जाता है उसे क्रमित युग्म (Ordered pair)

कहते हैं।

    उदाहरण के लिए, यदि A तथा B कोई दो समुच्चय हों तो

क्रमित युग्म (a,b) से तात्पर्य यह है कि aA तथा bB.

क्रमित युग्मों की समानता (Equality of Two Ordered Pairs)

        दो क्रमित युग्म (a,b) तथा (c,d) समान होंगे यदि उनके

संगत घटक समान हों। अर्थात् (a,b)=(c,d), यदि और

        केवल यदि a=c,b=d.

समुच्चयों का कार्तीय गुणन (Cartesian Product of Sets)

        परिभाषा—किन्हीं दो अरिक्त समुच्चयों A तथा B का

        कार्तीय गुणन AB उन सभी क्रमित युग्मों का समुच्चय है,

        जिनके प्रथम घटक समुच्चय A का अवयव तथा द्वितीय घटक

        समुच्चय B के अवयव होते हैं। रोस्टर रूप में लिखने पर,

            AB={(a,b):aAऔरbB}

संबंध             परिभाषा—किन्हीं दो अरिक्त समुच्चयों A तथा B में

            सम्बन्ध R, इन दो समुच्चयों के कार्तीय गुणन AB का एक

            उपसमुच्चय होता है अर्थात् RAB

                यह उपसमुच्चय R, कार्तीय गुणन AB के क्रमित युग्मों

            के प्रथम तथा द्वितीय घटकों के बीच सम्बन्ध स्थापित करने पर

            प्राप्त होता है ! द्वितीय घटक प्रथम घटक का प्रतिबिम्ब कहलाता

            है।

सम्बन्धों की कुल संख्या (Total Number of Relations)

                माना A तथा B कोई दो अरिक्त परिमित समुच्चय है जिनमें

            क्रमश: m तथा n अवयव हैं। अतः AB में mn अवयव होंगे

            जो कि क्रमित युग्म है। इस प्रकार AB के कुल उपसमुच्चयों

            की संख्या 2mn होगी। चूँकि AB का प्रत्येक उपसमुच्चय A

            से B में एक सम्बन्ध प्रदर्शित करता है, अतः A से B में सम्बन्धों

            की कुल संख्या 2mn होगी।

उदाहरण-1: यदि f(x)=7xx7 तो फलन f का प्रान्त तथा\text{उदाहरण-1: यदि } f(x) = \frac{7-x}{x-7} \text{ तो फलन } f \text{ का प्रान्त तथा}
परिसर ज्ञात कीजिए।\text{परिसर ज्ञात कीजिए।}
हल : f(x)=7xx7 में x के सभी मान वास्तविक होंगे\text{हल : } f(x) = \frac{7-x}{x-7} \text{ में } x \text{ के सभी मान वास्तविक होंगे}
यदि x7 क्योंकि x=7 के लिए फलन f परिभाषित\text{यदि } x \neq 7 \text{ क्योंकि } x = 7 \text{ के लिए फलन } f \text{ परिभाषित}
नहीं\text{नहीं}
होगा। (f(7)=7777=00)\text{होगा। } \left(f(7) = \frac{7-7}{7-7} = \frac{0}{0}\right)
f का प्रान्त =R{7}\therefore f \text{ का प्रान्त } = R – \{7\}
पुनः माना y=7xx7\text{पुनः माना } y = \frac{7-x}{x-7}
y=f(x)y = f(x)
y=7xx7[f(x)=7xx7]\therefore y = \frac{7 – x}{x – 7} \quad \left[ \because f(x) = \frac{7 – x}{x – 7} \right]
y=(x7)(x7)=1\Rightarrow y = \frac{-(x-7)}{(x-7)} = -1
y=1\Rightarrow y = -1
xR{7} के लिए y=1\therefore \forall x \in R – \{7\} \text{ के लिए } y = -1
f का परिसर ={1}\therefore f \text{ का परिसर } = \{-1\}

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