बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा तैयार किया गया कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 4 गति के नियम समाधान एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। समाधान को बहुत ही आसान भाषा मे दिया गया है ताकि छात्रो को समझने मे कोई दिक्कत न हो।
कक्षा 11 को अच्छे से पढ़ना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यह कक्षा 12 के लिय आधार बनाने का काम करती है। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय सभी प्रश्नों का उत्तर कुशल तरीके से दिया जाना बहुत ही जरूरी हैं। गति के नियम समाधान छात्रो के लिय बहुत ही मददगार साबित होगा। बोर्डस्टडि पर आपको कक्षा 11 से संबधित और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी।
गति के नियम समाधान
अध्याय 3: समतल में गति
अध्याय 5: कार्य, ऊर्जा तथा शक्ति
अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।
एनसीईआरटी अध्याय 4 गति के नियम के महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न . 0.05 kg संहति का कोई कंकड़ ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका गया है। नीचे दी गई प्रत्येक परिस्थिति में कंकड़ पर लग रहे नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा लिखिए।
(a) उपरिमुखी गति के समय।
(b) अधोमुखी गति के समय।
(c) उच्चतम बिंदु पर जहाँ क्षण भर के लिए यह विराम में रहता है। यदि कंकड़ को क्षैतिज दिशा से 45° कोण पर फेंका जाए, तो क्या आपके उत्तर में कोई परिवर्तन होगा?
(वायु प्रतिरोध को उपेक्षणीय मानिए)
उत्तर : जब एक वस्तु को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है अथवा वह मुक्त रूप से गुरुत्व के अन्तर्गत गिरता है तब उस पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण एक त्वरण g = 10 m/s² नीचे की ओर कार्य करता है।
कंकड़ का द्रव्यमान (m) = 0.05 kg
(a) ऊपर की ओर गति के समय
कंकड़ पर कार्यरत परिणामी बल (F) = ma
= 0.05 × 10 N = 0.50 N (ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर)
(b) नीचे की ओर गति के समय
कंकड़ पर कार्यरत परिणामी बल (F) = ma
= 0.05 × 10 N
= 0.50 N (ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर)
(c) उच्चतम बिन्दु पर
कंकड़ पर कार्यरत परिणामी बल (F) = ma
= 0.05 × 10 N
= 0.50 N (ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर)
यदि कंकड़ को क्षैतिज से 45° के कोण पर फेंका जाए तब उस पर कार्यरत त्वरण तथा उस पर कार्यरत बल अर्थात् 0.50 N (ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर) अपरिवर्तित रहता है। खण्ड (c) में उच्चतम बिन्दु पर वेग का ऊर्ध्वाधर घटक शून्य होगा परन्तु वेग का क्षैतिज घटक शून्य नहीं होगा।
प्रश्न . स्पष्ट कीजिए कि क्यों
(a) कोई घोड़ा रिक्त दिक्स्थान में किसी गाड़ी को खींचते हुए दौड़ नहीं सकता?
(b) किसी तीव्र गति से चल रही बस के यकायक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं?
(c) लान मूवर को धकेलने की तुलना में खींचना आसान होता है?
(d) क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे को खींचता है?
उत्तर : (a) जब एक घोड़ा गाड़ी को खींचने का प्रयत्न करता है तो वह पृथ्वी पर पीछे की ओर एक कोण पर बल लगाता है। न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, पृथ्वी भी घोड़े के पैरों पर बराबर व विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल लगाती है। इस प्रतिक्रिया का ऊर्ध्वाधर घटक घोड़े के भार को सन्तुलित करता है तथा क्षैतिज घटक गाड़ी को गति प्रदान करता है। रिक्त दिक्स्थान में, कोई प्रतिक्रिया न होने के कारण एक घोड़ा गाड़ी को नहीं खींच सकता है।
(b) जब बस गति कर रही है तब उसमें बैठे यात्री भी बस के वेग से उसी दिशा में गति करते हैं। बस के यकायक रुकने पर यात्रियों के शरीर के नीचे का भाग जो बस से सीधे सम्पर्क में है बस के साथ मंदित होता है, परन्तु शरीर का ऊपरी भाग जो बस के सीधे सम्पर्क में नहीं है अपनी गति के जड़त्व के कारण पूर्ववत् दिशा में ही गति करता रहता है जिस कारण यात्री आगे की ओर गिर पड़ते हैं।
(c) लान मूवर को खींचने के लिए एक बल F क्षैतिज से θ कोण पर ऊपर की ओर लगाया जाता है (चित्र a) इस बल का ऊर्ध्वाधर घटक ऊपर की ओर होता है जो लान मूवर के प्रभावी भार को कम कर देता है।

लान मूवर को धकेलने के लिए एक बल F क्षैतिज से θ कोण पर नीचे की ओर लगाया जाता है (चित्र b) इस बल का ऊर्ध्वाधर घटक नीचे की ओर होता है जो लान मूवर के प्रभावी भार को बढ़ा देता है। अतः लान मूवर को धकेलने की तुलना में खींचना आसान होता है।
(d) गेंद को लपकने में हाथों को दिया गया आवेग = F × Δt = गेंद के संवेग में परिवर्तन
जब क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय हाथों को पीछे खींचता है तो गेंद को रोकने में लगा समय बढ़ जाता है। समय बढ़ जाने के कारण गेंद द्वारा क्रिकेट के खिलाड़ी के हाथों पर लगाया गया बल घट जाता है जिससे उसे हाथों को कम चोट लगती है।