एनसीईआरटी कक्षा 12 गणित अध्याय 12 रैखिक प्रोग्रामन नोट्स

कक्षा 12 एक बोर्ड कक्षा हैं और कक्षा 12 में दिय गय अध्याय थोड़ा पेंचीदा भी हैं। इसलिय छात्रों के समस्या को कम करने के लिए हमने बोर्डस्टडी एक्सपर्ट द्वारा तैयार कक्षा 12 गणित अध्याय 12 रैखिक प्रोग्रामन नोट्स दिया हैं। ये कक्षा 12 छात्रों के लिए रामबाण हैं। इसलिय कक्षा 12 में अध्ययरत सभी छात्र एवं छात्राओं को इस नोट्स का लाभ उठाना चाहिय।

जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 12 गणित अध्याय 12 रैखिक प्रोग्रामन नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें रैखिक प्रोग्रामन अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।

रैखिक प्रोग्रामन नोट्स

अध्याय 11: त्रि-विमीय ज्यामिति नोट्स
अध्याय 13: प्रायिकता नोट्स

नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्य विधि :- 

(i) रैखिक प्रोग्रामन समस्या (L.P.P.) का सुसंगत क्षेत्र (feasible region) ज्ञात करते हैं तथा उसके कोणीय बिन्दुओं (शीर्षों) को या तो निरीक्षण (inspection) से या दो सीमा (boundary) रेखाओं के प्रतिच्छेदन बिन्दु (intersecting point) को रेखाओं के समीकरणों को हल करके उस बिन्दु को ज्ञात करते हैं।

(ii) उद्देश्य फलन (objective function) Z=ax+by का मान प्रत्येक कोणीय बिन्दु (शीर्ष)\text{(ii) उद्देश्य फलन (objective function) } Z = ax + by \text{ का मान प्रत्येक कोणीय बिन्दु (शीर्ष)} \\
पर ज्ञात करते हैं। माना कि M तथा m क्रमशः इन बिन्दुओं पर अधिकतम (maximum) तथा\text{पर ज्ञात करते हैं। माना कि } M \text{ तथा } m \text{ क्रमशः इन बिन्दुओं पर अधिकतम (maximum) तथा} \\
न्यूनतम (minimum) मान प्रदर्शित करते हैं।\text{न्यूनतम (minimum) मान प्रदर्शित करते हैं।}
iii) जब सुसंगत क्षेत्र (feasible region) परिबद्ध (bounded) है, M तथा m उद्देश्य फलन Z\text{iii) जब सुसंगत क्षेत्र (feasible region) परिबद्ध (bounded) है, } M \text{ तथा } m \text{ उद्देश्य फलन } Z \\
के अधिकतम (maximum) तथा न्यूनतम (minimum) मान है।\text{के अधिकतम (maximum) तथा न्यूनतम (minimum) मान है।}

रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं के भिन्न प्रकार (Different Types of Linear Programming Problems)

रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं के भिन्न प्रकार (Different Types of Linear Programming Problems)

I. उत्पादन संबंधी समस्याएँ (Manufacturing Problems) — इस प्रकार की समस्याओं से हम ज्ञात करते हैं कि विभिन्न उत्पादनों (Prodcuts) के कितने नग (items/units), जो बिक जाए, बनाने (तैयार करने) में एक निश्चित (fixed), प्रति नग जनशक्ति (manpower), मशीन के घंटे (machine hours), श्रम के घंटे (labour hours), निर्माण (उत्पादन) में व्यय (cost), माल भंडारण गोदाम (ware house) में प्रत्येक उत्पादन को रखने के लिए स्थान आदि को दृष्टि में रखते हुए अधिकतम लाभ (maximum profit) कमाया जा सके।

II. आहार संबंधी समस्याएँ (Diet Problems) — इस प्रकार की समस्याओं में हम ज्ञात करते हैं कि विभिन्न प्रकार के घटक (Constituents)/पोषक (nutrients) तत्त्व आहार में कितनी मात्रा (amount) में प्रयोग किए जाएँ जिससे उसमें (आहार में) सभी पोषक तत्त्वों की न्यूनतम आवश्यक मात्रा (minimum required amount) कम-से-कम लागत (minimum cost) पर प्राप्त हो।

III. परिवहन संबंधी समस्याएँ (Transportation Problems) — इस प्रकार की समस्याओं में हम परिवहन प्रणाली (transportation schedule) को तय (निश्चित) करते हैं जिससे संयंत्रों (plants)/कारखाने (factories) से विभिन्न स्थानों (different Locations) पर स्थित (situated) विभिन्न बाजारों (different markets) में उत्पादनों (products) को भेजने में परिवहन व्यय (transporting cost) न्यूनतम (minimum) हो।

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