कक्षा 10 इतिहास अध्याय 4 औद्योगीकरण का युग नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।
वैसे तो इतिहास एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 इतिहास अध्याय 4 औद्योगीकरण का युग नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।
औद्योगीकरण का युग नोट्स
अध्याय 5 : मुद्रण संस्कृति और आधुनिक विश्व
महत्वपूर्ण तथ्य
प्राच्य :- भूमध्य सागर के पूर्व में स्थित देश। सामान्यतया यह शब्द एशिया के लिए प्रयोग किया जाता है। पश्चिम के देशों की नजर में प्राच्य क्षेत्र पूर्व आधुनिक, पारस्परिक एंव रहस्यमय थे।
Q. किस म्यूजिक कम्पनी ने अपनी पुस्तक की जिल्द पर दी गयी तस्वीर में नयी सदी के उदय का ऐलान किया था?
Ans:- ई. टी. पाल म्यूजिक कम्पनी ने
पूर्व औद्योगीकरण या आदि औद्योगीकरण:- इंग्लैण्ड और यूरोप में कारखानों की स्थापना से पहले ही अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन होने लगा था। यह उत्पादन कारखानों में नहीं होता था। आदि या पूर्व किसी वस्तु की पहली या प्रारम्भिक अवस्था का संकेत है। अतः अनेक इतिहासकारों ने औद्योगीकरण के इस चरण को आदि या पूर्व औद्योगीकरण का नाम दिया।
आदि :- किसी वस्तु की प्रथम अथवा प्रारम्भिक अवस्था का संकेत
स्टेपलर :- ऐसा व्यक्ति जो रेशों के हिसाब से ऊन को स्टेपल करता है अथवा छाँटता है।
कार्डिंग :- वह प्रक्रिया जिसमें ऊन या कपास आदि रेशों की कताई के लिए तैयार किया जाता है।
फुलर :- ऐसा व्यक्ति जो फुल करता है अर्थात चुन्नटों के सहारे कपड़े को समेटता है।
औद्योगीकरण :- औद्योगीकरण यानी उद्योगों की वृहत रूप से स्थापना उस औद्योगिक क्रांति की देन है। जिसमें वस्तुओं का उत्पादन मशीनों द्वारा किया जाता है। मानव श्रम द्वारा नहीं। उत्पादन बड़े स्तर पर होने के कारण उसकी खपत के लिए बड़े बाजार की आवश्यकता होती है।
औद्योगिक क्रांति के कारक:-
(1.) इंग्लैण्ड की भौगोलिक स्थिति:- इंग्लैण्ड की भौगोलिक स्थिति उद्योग-धंधों के विकास के लिए अनुकूल थी। इंग्लैण्ड बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित था। तथा इसके पास अच्छे बंदरगाह थे जो औद्योगीकरण के आवश्यक तत्व है।
(2.) खनिज पदार्थों की उपलब्धता:- इंग्लैण्ड के पास प्राकृतिक साधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थे। इंग्लैण्ड के उतरी और पश्चिमी भाग में लोहे और कोयले की खानें उपलब्ध थीं, जिनसे खनिज आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
(3.) नयी-नयी मशीनों का आविष्कार:- औद्योगिक क्रांति के लिए इंग्लैण्ड के वैज्ञानिकों ने नयी-नयी मशीनों का आविष्कार किया जिनसे वस्त्र उद्योग, परिवहन संचार एंव खनन उद्योगों की प्रगति हुई।
(4.) मजदूरों की उपलब्धता:- बाड़ाबंदी कानून से छोटे किसान अपनी भूमि से बेदखल हो गए। अब उनके सामने रोजी-रोटी का प्रश्न उठ खड़ा हुआ। ये लोग कारखानों में काम करने के लिए विवश हो गए। इसलिए इंग्लैण्ड में कल-कारखानों के लिए सस्ते मजदूरी सुलभ हो गए।
NOTE :- इंग्लैण्ड का लंदन शहर फिनिशिंग सेंटर के नाम से जाना जाता है।