कक्षा 12 गणित अध्याय 1 संबंध एवं फलन समाधान

बोर्डस्टडी द्वारा तैयार कक्षा 12 गणित अध्याय 1 संबंध एवं फलन समाधान कक्षा १२ छात्रों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री हैं| अतः छात्रों को इसे बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय| इसमें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल सभी प्रश्नो का उत्तर दिया गया है|

गणित तो वैसे एक बहुत ही रोचक विषय हैं लेकिन बहुत छात्रों को यह कठिन भि लगने लगता है इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए बोर्डस्टडी की टीम ने संबंध एवं फलन समाधान को बहुत ही आसान भाषा में तैयार किया हैं| आप इस समाधान को हमारे वेबसाइट के माध्यम से कभी भी एक्सेस कर सकते हैं|

संबंध एवं फलन समाधान

अध्याय 2 : प्रतिलोम त्रिकोणमितीय

अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।

एनसीईआरटी अध्याय 1 संबंध एवं फलन के महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न . किसी प्रदत्त अरिक्त समुच्चय X के लिए मान लीजिए कि

:P(X)×P(X)P(X),*: P(X) \times P(X) \rightarrow P(X),

जहाँ

AB=(AB)(BA),A,BP(X) द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि रिक्त समुच्चयA * B = (A – B) \cup (B – A), \forall A, B \in P(X) \text{ द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि रिक्त समुच्चय}
ϕ, संक्रिया  का तत्समक है तथा P(X) के समस्त अवयव A व्युत्क्रमणीय हैं, इस प्रकार कि A1=A\phi, \text{ संक्रिया } * \text{ का तत्समक है तथा } P(X) \text{ के समस्त अवयव } A \text{ व्युत्क्रमणीय हैं, इस प्रकार कि } A^{-1} = A
हल समुच्चय P(X) पर संक्रिया ,\textbf{हल } \text{समुच्चय } P(X) \text{ पर संक्रिया } *,
AB=(AB)(BA),A,BP(X) द्वारा परिभाषित है। मान लीजिए A * B = (A – B) \cup (B – A), \forall A, B \in P(X) \text{ द्वारा परिभाषित है। मान लीजिए }
AP(X)A \in P(X)

तब,

Aϕ=(Aϕ)(ϕA)=Aϕ=AA * \phi = (A – \phi) \cup (\phi – A) = A \cup \phi = A

तथा

ϕA=(ϕA)(Aϕ)=ϕA=A\phi * A = (\phi – A) \cup (A – \phi) = \phi \cup A = A
Aϕ=ϕA,AP(X)\therefore A * \phi = \phi * A, \quad \forall A \in P(X)
अतः द्विआधारी संक्रिया AB=(AB)(BA) के लिए ϕ एक तत्समक अवयव है। अब एक\text{अतः द्विआधारी संक्रिया } A * B = (A – B) \cup (B – A) \text{ के लिए } \phi \text{ एक तत्समक अवयव है। अब एक}
अवयव AP(X) प्रतिलोमीय होगा यदि और केवल यदि P(X) में एक अवयव BP(X) इस प्रकार हो\text{अवयव } A \in P(X) \text{ प्रतिलोमीय होगा यदि और केवल यदि } P(X) \text{ में एक अवयव } B \in P(X) \text{ इस प्रकार हो}
कि AB=BA=ϕ\text{कि } A * B = B * A = \phi

प्रश्न . निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति में बताइए कि क्या दिए हुए फलन एकैकी, आच्छादक अथवा एकैकी आच्छादी (bijective) हैं? अपने उत्तर का औचित्य भी बताइए।

(i) f(x)=34x द्वारा परिभाषित फलन f:RR है।\text{(i) } f(x) = 3 – 4x \text{ द्वारा परिभाषित फलन } f : R \rightarrow R \text{ है।} \\
(ii) f(x)=1+x2 द्वारा परिभाषित फलन f:RR है।\text{(ii) } f(x) = 1 + x^2 \text{ द्वारा परिभाषित फलन } f : R \rightarrow R \text{ है।}
(i)f:RR में, f(x)=34x,xR{हल (i) फलन } f : R \rightarrow R \text{ में, } f(x) = 3 – 4x, \forall x \in R \\
द्वारा परिभाषित फलन है।\text{द्वारा परिभाषित फलन है।} \\
मान लीजिए x,yR इस प्रकार है कि\text{मान लीजिए } x, y \in R \text{ इस प्रकार है कि}
f(x)=f(y)f(x) = f(y) \\
34x=34yx=y\implies 3 – 4x = 3 – 4y \implies x = y \\
f एकैकी फलन है।\therefore f \text{ एकैकी फलन है।} \\
पुनः प्रत्येक वास्तविक संख्या yR के लिए x=3y4R इस प्रकार है कि\text{पुनः प्रत्येक वास्तविक संख्या } y \in R \text{ के लिए } x = \frac{3-y}{4} \in R \text{ इस प्रकार है कि} \\
f(x)=f(3y4)=34(3y4)=yf(x) = f\left(\frac{3-y}{4}\right) = 3 – 4\left(\frac{3-y}{4}\right) = y \\
f आच्छादक फलन है। अतः f एकैकी आच्छादक फलन है।\therefore f \text{ आच्छादक फलन है। अतः } f \text{ एकैकी आच्छादक फलन है।}
(𝐢𝐢) फलन f:RR में, f(x)=1+x2,xR द्वारा परिभाषित फलन है।\textbf{(ii) फलन } f : R \rightarrow R \text{ में, } f(x) = 1 + x^2, \forall x \in R \text{ द्वारा परिभाषित फलन है।} \\
मान लीजिए x,yR इस प्रकार है कि\text{मान लीजिए } x, y \in R \text{ इस प्रकार है कि} \\
f(x)=f(y)f(x) = f(y) \\
1+x2=1+y2\implies 1 + x^2 = 1 + y^2 \\
x2=y2x=±y\implies x^2 = y^2 \implies x = \pm y \\
जैसे f(1)=f(1)=2f एकैकी फलन नहीं है।\text{जैसे } f(1) = f(-1) = 2 \quad \therefore f \text{ एकैकी फलन नहीं है।}
पुनः 2R के लिए R में कोई xR इस प्रकार नहीं है कि f(x)=2\text{पुनः } -2 \in R \text{ के लिए } R \text{ में कोई } x \in R \text{ इस प्रकार नहीं है कि } f(x) = -2 \\
अर्थात् 1+x2=2x2=3\text{अर्थात् } 1 + x^2 = -2 \implies x^2 = -3 \\
f आच्छादक फलन नहीं है।\therefore f \text{ आच्छादक फलन नहीं है।} \\
f न तो एकैकी न ही आच्छादक फलन है।\therefore f \text{ न तो एकैकी न ही आच्छादक फलन है।}

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