एनसीईआरटी कक्षा 12 रसायनशास्त्र अध्याय 4 d एवं f ब्लॉक के तत्व समाधान पीडीएफ़

इस पोस्ट मे हमने एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 12 रसायनशास्त्र अध्याय 4 d एवं f ब्लॉक के तत्व का समाधान दिया हैं। हमने अध्याय मे मौजूद सभी प्रश्नों का समाधान सरल एवं स्पष्ट भाषा मे दिया हैं।

छात्रो के लिय 4 d एवं f ब्लॉक के तत्व अध्याय को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं। इस अध्याय की मदद से आवर्ती प्रवृत्तियां (परमाणु त्रिज्या, ऑक्सीकरण अवस्था), चुंबकीय गुण, रंगीन यौगिक, उत्प्रेरक गुण, जटिल संरचनाएं, तथा लैंथेनाइड संकुचन, एक्टिनाइड्स की रेडियोधर्मिता स्तर जैसी मूलभूत धारणाओ को अच्छे से समझ सकते हैं। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय इन धारणाओ को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं।

d एवं f ब्लॉक के तत्व समाधान

अध्याय 3: रसायनिक बलगतिकी समाधान
अध्याय 5: उपसहसंयोजन यौगिक समाधान

अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।

एनसीईआरटी कक्षा 12 रसायनशास्त्र अध्याय 4 d एवं f ब्लॉक के तत्व के महत्वपूर्ण प्रश्न

Q. लैन्थेनॉयड आकुंचन क्या है? लैन्थेनॉयड आकुंचन के परिणाम क्या हैं?

उत्तर: 

लैन्थेनॉयड आकुंचन लैन्थेनॉयडों में लैन्थेनम से ल्यूटीशियम तक परमाणुक तथा आयनिक त्रिज्याओं में समग्र ह्रास देखा जाता है, जिसे लैन्थेनॉयड आकुंचन कहते हैं। इसका कारण यह है कि नाभिक में प्रत्येक प्रोटॉन की वृद्धि के साथ इसके संगत इलेक्ट्रॉन 4f-कक्षकों में जाते हैं। एक 4f-इलेक्ट्रॉन का दूसरे 4f-इलेक्ट्रॉन पर परिरक्षण प्रभाव कम होता है। अतः नाभिकीय आवेश तथा बाह्यतम इलेक्ट्रॉन के बीच नेट वैद्युत आकर्षण बल में वृद्धि हो जाती है जिससे परमाणु व आयनिक त्रिज्या का मान घट जाता है।

लैन्थेनॉयड आकुंचन के परिणाम लैन्थेनॉयड आकुंचन के मुख्य परिणाम इस प्रकार हैं-

(i) ऑक्साइडों तथा हाइड्रॉक्साइडों का क्षारीय लक्षण लैन्थेनॉयड आकुंचन के कारण, La-OH आबंध की सहसंयोजक प्रकृति बढ़ती है तथा इस प्रकार ऑक्साइडों तथा हाइड्रॉक्साइडों के क्षारीय गुण La(OH)3 से Lu(OH)3 तक घटते हैं।

(ii) द्वितीय तथा तृतीय संक्रमण के तत्वों के आकार में समानता लैन्थेनॉयड आकुंचन के कारणतृतीय संक्रमण श्रेणी के तत्वों की त्रिज्याएँ लगभग वही हैं जो कि द्वितीय संक्रमण श्रेणी के संगत तत्वों की हैं। अतः Zr/Hf, Nb/Ta तथा Mo/W ये सभी युगल लगभग समान आकार के हैं। लगभग समान आकार के होने के कारण इनके भौतिक तथा रासायनिक गुणों में अत्यधिक समानता पाई जाती है जो इनके पृथक्करण को कठिन बनाती है।

(iii) लैन्थेनॉयडों का पृथक्करण लैन्थेनॉयड आकुंचन के कारण, लैन्थेनॉयडों के कुछ गुणों जैसे विलेयता, संकुल बनाना आदि में अन्तर होता है। इन्हीं विभिन्नताओं के कारण आयन विनिमय विधि द्वारा लैन्थेनॉयडों का पृथक्करण सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

Q. संक्रमण धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता असंक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

संक्रमण तत्वों में परिवर्तनीय ऑक्सीकरण अवस्थाओं में एक का अन्तर बने रहता है। इसका कारण अपूर्ण d-कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का प्रवेश करना है।

उदाहरण +2, +3, +4, +5, +6 तथा +7 ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाती है तथा इन सभी में एक का अंतर है। असंक्रमण तत्वों में, विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं में सामान्यतः दो का अंतर पाया जाता है। जैसे-सल्फर 2, 4, 6 ऑक्सीकरण अवस्थाओं प्रदर्शित करती है तथा नाइट्रोजन 3, 5 आदि।


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