एनसीईआरटी कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ समाधान

हैलो बच्चो, इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आय हैं कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ समाधान| इसमें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में दिय गय सभी प्रश्नो का समाधान दिया हैं| बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा तैयार किया गया यह समाधान एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है।

परीक्षा के समय यह एनसीईआरटी कक्षा 10 गणित अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ समाधान छात्रों के लिए काफ़ी मददगार साबित होगा एवं समय बचाने में भी काफ़ी मदद करेगा| समाधान को बहुत ही सरल एवं आसान भाषा में दिया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में काफ़ी मदद मिलेगा| बोर्डस्टडि पर आपको कक्षा 10 से संबधित और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी।

वास्तविक संख्याएँ समाधान

अध्याय 2: बहुपद

अध्याय 1 वास्तविक संख्याएँ महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके दर्शाइए कि किसी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग, किसी पूर्णांक m के लिए 3m या 3m + 1 के रूप का होता है।

[संकेत : यह मान लीजिए x कोई धनात्मक पूर्णांक है। तब, यह 3q, 3q + 1 या 3q + 2 के रूप में लिखा जा सकता है। इनमें से प्रत्येक का वर्ग कीजिए और दर्शाइए कि इन वर्गों को 3m या 3m + 1 के रूप में लिखा जा सकता है।]

हल : माना x कोई धनात्मक पूर्णांक है, तो यह 3q, 3q + 1 या 3q + 2 के रूप में होगा।

यदि n = 3q

n2=(3q)2=9q2=3.(3q2)=3m\Rightarrow n^2 = (3q)^2 = 9q^2 = 3.(3q^2) = 3m

यदि n = 3q + 1

n2=(3q+1)2=9q2+6q+1\Rightarrow n^2 = (3q + 1)^2 = 9q^2 + 6q + 1
=3(3q2+2q)+1=3m+1= 3(3q^2 + 2q) + 1 = 3m + 1

यदि n = 3q + 2

n2=(3q+2)2=9q2+12q+4\Rightarrow n^2 = (3q + 2)^2 = 9q^2 + 12q + 4
=3(3q2+4q+1)+1=3m+1= 3(3q^2 + 4q + 1) + 1 = 3m + 1

अतः किसी धनात्मक पूर्णांक का वर्ग या तो 3m या 3m + 1 के रूप में होता है। इति सिद्धम्।

प्रश्न. यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का प्रयोग करके दर्शाइए कि किसी धनात्मक पूर्णांक का घन 9m, 9m +1 या 9m +8 के रूप में होता है।

हल : माना x कोई धनात्मक पूर्णांक है, तो 3p, 3p + 1 या 3p + 2 के रूप में होगा।

यदि n = 3p

n3=(3p)3=27p3=9×3p3=9.m\Rightarrow n^3 = (3p)^3 = 27p^3 = 9 \times 3p^3 = 9.m

जहाँ

m=3p3m = 3p^3

यदि n = 3p + 1

n3=(3p+1)3\Rightarrow n^3 = (3p + 1)^3
=(3p)3+3.(3p)2.1+3.3p.(1)2+1= (3p)^3 + 3.(3p)^2.1 + 3.3p.(1)^2 + 1
=27p3+27p2+9p+1= 27p^3 + 27p^2 + 9p + 1
=9(3p3+3p2+p)+1=9m+1= 9(3p^3 + 3p^2 + p) + 1 = 9m + 1
m=3p3+3p2+pm = 3p^3 + 3p^2 + p

यदि n = 3p + 2

n3=(3p+2)3\Rightarrow n^3 = (3p + 2)^3
=(3p)3+3.(3p)2.2+3.(3p).(2)2+23= (3p)^3 + 3.(3p)^2.2 + 3.(3p).(2)^2 + 2^3
=27p3+54p2+36p+8= 27p^3 + 54p^2 + 36p + 8
=9(3p3+6p2+4p)+8=9.m+8= 9(3p^3 + 6p^2 + 4p) + 8 = 9.m + 8

जहाँ

m=3p3+6p2+4p.m = 3p^3 + 6p^2 + 4p.

अतः किसी धनात्मक पूर्णांक का घन या तो 9m, 9m+1 या 9m+8 के रूप में होगा। इति सिद्धम्

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *