CBSE Class 12 Hindi Previous Year Question Paper 2026 (Set 1 & Set 3) With Solutions

कक्षा 12 हिन्दी PYQ 2026 12वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण सामाग्री हैं। 12वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। परीक्षा की तैयारी के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना। ये कक्षा 12 PYQ 2026 परीक्षा पैटर्न, कठिनाई स्तर और पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार की स्पष्ट समझ प्रदान करेंगे।

वैसे तो हिन्दी एक रोचक और आसान विषय हैं लेकिन कभी कभी आसान के चलते छात्र इस विषय को छोर देते है| इस विषय को अगर अच्छा से पढ़ा जाए तो सबसे जायदा स्कोर इसी विषय मे ला सकते है I छात्र कक्षा 12 हिन्दी PYQ 2026 की मदद से अपने आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए अच्छे से रणनीति बना सकते हैं।

Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 1 Question
Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 1 Solution
Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 3 Question
Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 3 Solution

Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 1 Question

Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 1 Solution

Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 3 Question

Class 12 Hindi PYQ 2026 SET 3 Solution

Class 12 Hindi PYQ 2019
Class 12 Hindi PYQ 2025

परीक्षा हाल में प्रशन पत्र मिलने के बाद छात्रों को प्रश्न पत्र अच्छे से पढ़ना चाहिय। सबसे पहले आसान एवं सरल प्रशनो का उत्तर दे ताकि बाकि के प्रशन के लिए पर्याप्त समय मिल जाय। लेखन वाले प्रश्नों का उत्तर निश्चित शब्द सीमा में देना रहता हैं। ये कक्षा 12 हिंदी PYQ 2026 इसका भी अभ्यास करने में काफ़ी मदद करंगे। प्रश्न पत्र लिखने वक़्त अपने वर्तनी एवं शब्दों का ठीक से ध्यान रखे।

महत्वपूर्ण प्रश्न

Q. किशनदा के चले जाने के बाद यशोधर बाबू ने ही उनकी कई परंपराओं को जीवित रखने की कोशिश की। – ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के आधार पर लिखिए कि वे परंपराएँ कौन-सी थीं? उनका यशोधर बाबू के पारिवारिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?

Soln :- परंपराएँ :

• सादगीपूर्ण जीवन
• सीमित सामानों में भी संतुष्ट रहना
• आधुनिकता के दिखावे से दूर
• अपने जूनियर से कोई मनोरंजक बात कर दिन भर के शुष्क व्यवहार का निवारण
• बुजुर्गों का सम्मान एवं पड़ोसियों के प्रति आत्मीय व्यवहार
• अपने-पराए हर किसी की मदद करना
• किशनदा की तरह रोज मंदिर जाना, संध्या पूजन करना, धार्मिक पुस्तकें पढ़ना
• परंपराओं का पालन—प्रातःकाल जल्दी उठना, सैर पर निकलना, होली गाना, जाँघों पूँछ के दिन कुमाऊँनियों को जेने के बदलने के लिए आमंत्रित करना

प्रभाव :

• पत्नी और बच्चों से वैचारिक मतभेद
• अकेलेपन एवं तनाव का शिकार
• आधुनिकता के साथ सामंजस्य न बैठा पाना
• उपेक्षित महसूस करना

Q. “मुअनजो-दड़ो की सभ्यता ‘लघुता में भी महत्ता का अनुभव कराने वाली’ सभ्यता थी।” – ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?

Soln :- खुदाई में प्राप्त हुई प्राचीन वस्तुओं द्वारा लोगों, शहरों की कला तथा जीवन-शैली का पता चलता है।

  • मिट्टी से बने पशु, पक्षी और खिलौने आदि मिलना
  • कला की दृष्टि से अत्यधिक उन्नत सभ्यता
  • कला-सामग्री एवं वस्तुओं में विविधता और सौंदर्यबोध
  • नाप-तौल में मिली वस्तुओं से व्यापारिक ज्ञान का पता चलना
  • घरों के भीतर भी साज-सज्जा और उपयोगी वस्तुओं का होना
  • स्व-अनुशासित सभ्यता, सुव्यवस्थित नगर योजना, जल-संस्कृति, सौंदर्य-संस्कृति
  • हथियारों के स्थान पर औजारों को महत्व देना

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