बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा तैयार किया गया कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 13 दोलन समाधान एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। समाधान को बहुत ही आसान भाषा मे दिया गया है ताकि छात्रो को समझने मे कोई दिक्कत न हो।
कक्षा 11 को अच्छे से पढ़ना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यह कक्षा 12 के लिय आधार बनाने का काम करती है। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय सभी प्रश्नों का उत्तर कुशल तरीके से दिया जाना बहुत ही जरूरी हैं। दोलन समाधान छात्रो के लिय बहुत ही मददगार साबित होगा। बोर्डस्टडि पर आपको कक्षा 11 से संबधित और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी।
दोलन समाधान
अध्याय 12: अनुगति सिद्धांत
अध्याय 14: तरंगें
अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।
एनसीईआरटी अध्याय 13 दोलन के महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न . कोई कण एक दूसरे से 10 cm दूरी पर स्थित बिन्दुओं A तथा B के बीच रैखिक सरल आवर्त गति कर रहा है। A से B की ओर दिशा को धनात्मक दिशा मानकर वेग, त्वरण तथा कण पर लगे बल के चिह्न ज्ञात कीजिए जबकि यह कण
(a) A सिरे पर है,
(b) B सिरे पर है,
(c) A की ओर जाते हुए AB के मध्य बिन्दु पर है,
(d) A की ओर जाते हुए B से 2 cm दूर है,
(e) B की ओर जाते हुए A से 3 cm दूर है तथा
(f) A की ओर जाते हुए B से 4 cm दूर है।
SHM के दोनों ओर अधिकतम विस्थापन पर वेग शून्य है किन्तु त्वरण तथा बल शून्य नहीं है। त्वरण हमेशा माध्य स्थिति की ओर प्रेरित होता है। पुनः त्वरण बल की दिशा निर्धारित करता है।
उत्तर : सरलीकरण हेतु चित्र प्रयुक्त करने पर

प्रश्न . चित्र में दिए गए दो आरेख दो वर्तुल गतियों के तदनुरूपी हैं। प्रत्येक आरेख पर वृत्त की त्रिज्या, परिक्रमण-काल, आरम्भिक स्थिति और परिक्रमण की दिशा दर्शायी गई है। प्रत्येक प्रकरण में, परिक्रमण करते कण के त्रिज्य-सदिश के x-अक्ष पर प्रक्षेप की तदनुरूपी सरल आवर्त गति ज्ञात कीजिए।

आवश्यक अक्षों के प्रक्षेपण में विस्थापन की स्थितियाँ प्राप्त होती है, प्रारम्भिक अवस्था t=0 पर प्राप्त होती है। विस्थापन समय का फलन है तथा ग्राफ के अनुसार विस्थापन परिकलित करते हैं जिससे कि आवश्यक समीकरण प्राप्त हो सके।
उत्तर : यदि कण P से P’ की ओर गति करता है (समय t से) तब कोण




चूँकि यह माध्य स्थिति के बायीं ओर है अतः ऋण चिह्न लिया गया है।


यदि कण t समय में p से p’ पर पहुँचता है।
त्रिज्या वेक्टर द्वारा तय कोण



ऋणात्मक चिह्न यह प्रकट करता है कि कण माध्य स्थिति के बायीं ओर है।
