कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 7 गुरुत्वाकर्षण समाधान पीडीएफ़

बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा तैयार किया गया कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 7 गुरुत्वाकर्षण समाधान एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। समाधान को बहुत ही आसान भाषा मे दिया गया है ताकि छात्रो को समझने मे कोई दिक्कत न हो।

कक्षा 11 को अच्छे से पढ़ना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यह कक्षा 12 के लिय आधार बनाने का काम करती है। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय सभी प्रश्नों का उत्तर कुशल तरीके से दिया जाना बहुत ही जरूरी हैं। गुरुत्वाकर्षण समाधान छात्रो के लिय बहुत ही मददगार साबित होगा। बोर्डस्टडि पर आपको कक्षा 11 से संबधित और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी।

गुरुत्वाकर्षण समाधान

अध्याय 6: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
अध्याय 8: ठोसों के यांत्रिक गुण

अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।

एनसीईआरटी अध्याय 7 गुरुत्वाकर्षण के महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न . एकसमान द्रव्यमान घनत्व के अर्धगोलीय खोलों द्वारा परिभाषित ढोल के पृष्ठ के केन्द्र पर गुरुत्वीय तीव्रता की दिशा (देखिए चित्र) (i) a, (ii) b, (iii) c, (iv) 0 में किस तीर द्वारा दर्शाई जाएगी?

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उत्तर : गोलीय कोश के अन्दर सभी बिन्दुओं पर गुरुत्वीय विभव समान रहता है।

गोलीय कोश के अन्दर गुरुत्वीय विभव

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गुरुत्वीय तीव्रता गुरुत्व विभव प्रवणता के ऋणात्मक मान के बराबर होती है। अतः गुरुत्वीय तीव्रता गोलीय कोश के भीतर सभी बिन्दुओं शून्य होगी। तथा कोश के भीतर सभी स्थानों पर गुरुत्व बल समान रहता है। यदि ऊपरी अर्द्ध गोलीय कोश हटा दिया जाये तब कण जो केन्द्र O पर स्थित है कार्य करने वाले गुरुत्वीय बल की दिशा नीचे की ओर होगी। अर्थात् गुरुत्वीय तीव्रता की दिशा नीचे की ओर होगी।

प्रश्न . निम्नलिखित के उत्तर दीजिए

(a) आप किसी आवेश का वैद्युत बलों से परिरक्षण उस आवेश को किसी खोखले चालक के भीतर रखकर कर सकते हैं। क्या आप किसी पिण्ड का परिरक्षण, निकट में रखे पदार्थ के गुरुत्वीय प्रभाव से, उसे खोखले गोले में रखकर अथवा किसी अन्य साधनों द्वारा कर सकते हैं?

(b) पृथ्वी के परितः परिक्रमण करने वाले छोटे अन्तरिक्षयान में बैठा कोई अन्तरिक्ष यात्री गुरुत्व बल का संसूचन नहीं कर सकता। यदि पृथ्वी के परितः परिक्रमण करने वाला अन्तरिक्ष स्टेशन आकार में बड़ा है, तब क्या वह गुरुत्व बल के संसूचन की आशा कर सकता है?

(c) यदि आप पृथ्वी पर सूर्य के कारण गुरुत्वीय बल की तुलना पृथ्वी पर चन्द्रमा के कारण गुरुत्व बल से करें, तो आप यह पाएंगे कि सूर्य का खिंचाव चन्द्रमा के खिंचाव की तुलना में अधिक है (इसकी जाँच आप स्वयं आगामी अभ्यासों में दिए गए आंकड़ों की सहायता से कर सकते हैं।) तथापि चन्द्रमा के खिंचाव का ज्वारीय प्रभाव सूर्य के ज्वारीय प्रभाव से अधिक है। क्यों?

उत्तर : (a) नहीं, किसी पिण्ड का परिरक्षण, निकट में रखे पदार्थ के गुरुत्वीय प्रभाव से उस खोखले गोले में रखकर नहीं किया जा सकता है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है जबकि वैद्युत बल माध्यम पर निर्भर करता है।

(b) हाँ, अन्तरिक्ष यात्री गुरुत्व बल के संसूचन की आशा कर सकता है यदि अन्तरिक्षयान आकार में बड़ा है क्योंकि इस स्थिति में अन्तरिक्षयान के गुरुत्व का परिमाण अनुभव तथा मापने योग्य हो जाएगा।

(c) ज्वारीय प्रभाव गुरुत्वाकर्षण के व्युत्क्रम वर्ग नियम द्वारा नहीं बताया जाता है लेकिन यह दूरी के तृतीय घात के व्युत्क्रमानुपाती द्वारा बताया जा सकता है। चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच दूरी पृथ्वी तथा सूर्य के बीच दूरी की तुलना में बहुत कम है अतः चन्द्रमा के खिंचाव का ज्वारीय प्रभाव सूर्य के ज्वारीय प्रभाव की तुलना में अधिक है।

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