इस पोस्ट मे हमने एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 12 भौतिकी अध्याय 9 किरण प्रकाशकीय एवं प्रकाशिक यंत्र का समाधान दिया हैं। हमने अध्याय मे मौजूद सभी प्रश्नों का समाधान सरल एवं स्पष्ट भाषा मे दिया हैं।
छात्रो के लिय किरण प्रकाशकीय एवं प्रकाशिक यंत्र अध्याय को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं। इस अध्याय की मदद से आप प्रकाशिकी की मूलभूत अवधारणाएँ, विभिन्न माध्यमों और इंटरफेसों से गुजरते समय प्रकाश के व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करती हैं जैसी मूलभूत धारणाओ को अच्छे से समझ सकते हैं। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय इन धारणाओ को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं।
किरण प्रकाशकीय एवं प्रकाशिक यंत्र समाधान
अध्याय 8: वैद्युतचुम्बकीय तरंगे समाधान
अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।
कक्षा 12 विज्ञान के नोट्स
कक्षा 12 जीव विज्ञान नोट्स
कक्षा 12 भौतिकी नोट्स
कक्षा 12 रसायन शास्त्र
एनसीईआरटी अध्याय 9 किरण प्रकाशकीय एवं प्रकाशिक यंत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न
1.25cm फोकस दूरी का अभिदृश्यक तथा 5cm फोकस दूरी की नेत्रिका का उपयोग करके वांछित कोणीय आवर्धन (आवर्धन क्षमता) 30x होता है। आप संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का समायोजन कैसे करेंगे?
उत्तर: जब अन्तिम प्रतिबिम्ब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी पर बनता है तो यह संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का सामान्य समायोजन होता है। इसमें
नेत्रिका का कोणीय आवर्धन

दिया है, कुल आवर्धन M= 30

अभिदृश्यक का आवर्धन
m0 = M/me

(यह आवर्धन ऋणात्मक होगा चूँकि अभिदृश्यक द्वारा बना प्रतिबिम्ब उल्टा होगा अर्थात् m0 = -5






नेत्रिका के लिए सूत्र




11.67 cm
अतः संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के समायोजन में अभिदृश्यक तथा नेत्रिका को परस्पर 11.67cm सेमी दूरी पर रखना होगा तथा वस्तु को अभिदृश्यक के सामने इससे 1.5cm सेमी की दूरी पर रखना होगा।
Q34. किसी दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 140cm तथा नेत्रिका की फोकस दूरी 5.0cm है। दूर की वस्तुओं को देखने के लिए दूरबीन की आवर्धन क्षमता क्या होगी जब-
(a) दूरबीन का समायोजन सामान्य है (अर्थात् अन्तिम प्रतिबिम्ब अनन्त पर बनता है)।
(b) अन्तिम प्रतिबिम्ब स्पष्ट दर्शन की अल्पतम दूरी (25cm) पर बनता है।
हल दूरदर्शी हेतु f0 = 140cm, fe = 5.0cm
(a) जब अन्तिम प्रतिबिम्ब अनन्त पर है तब आवर्धन क्षमता

(b) जब अन्तिम प्रतिबिम्ब निकट बिन्दु पर है तब आवर्धन क्षमता
