एनसीईआरटी कक्षा 11 गणित अध्याय 1 समुच्चय नोट्स

कक्षा 11 एक बहुत ही महत्वपूर्ण कक्षा हैं| ये 12th क्लास के लिए आधार का काम करता हैं। कक्षा 12 में मजबूत पकड़ बनाने के लिय कक्षा 11 को मजबूत करना बहुत ही जरूरी हैं। गणित वैसे भी एक रोचक विषय हैं लेकिन काफ़ी बच्चों को इसमें कठिनाई महसूस होती हैं। इसलिय हमने कक्षा 11 गणित अध्याय 1 समुच्चय नोट्स दिया हैं जो की बोर्ड स्टडी एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया हैं।

जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 11 गणित अध्याय 1 समुच्चय नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें समुच्चय अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।

समुच्चय नोट्स

अध्याय 2: संबंध एवं फलन नोट्स

नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

रिक्त समुच्चय (Empty Set): वह समुच्चय जिसमें कोई अवयव नही होता, रिक्त या शून्य समुच्चय कहलाता है। इसे

ग्रीक अक्षर या {} से प्रदर्शित करते है। जैसे– A={x:x, एक धनात्मक संख्या है तथा 3<x<4}

एकल समुच्चय (Singleton Set): वह समुच्चय जिसमें कोई एक अवयव होता है, एकल समुच्चय कहलाता है।

जैसे– A={x:x, एक धनात्मक संख्या है तथा 3<x<5}

परिमित तथा अपरिमित समुच्चय (Finite and Infinite Sets): वह समुच्चय जिसमें अवयवों की संख्या निश्चित

होती है, परिमित समुच्चय कहलाता है। जैसे– A={x:x, एक धनात्मक संख्या है तथा 1<x<10}

वह समुच्चय जिसमें अवयवों की संख्या अनिश्चित होती है, अपरिमित समुच्चय कहलाता है। जैसे– B={1,2,3,——}

उदाहरण 1- समुच्चयों A,B तथा C के लिए सिद्ध कीजिये कि\text{उदाहरण 1- समुच्चयों } A, B \text{ तथा } C \text{ के लिए सिद्ध कीजिये कि}
A(BC)=(AB)(AC)A \cap (B \cup C) = (A \cap B) \cup (A \cap C)
हल: माना xA(BC)xA and x(BC)\text{हल: माना } x \in A \cap (B \cup C) \Rightarrow x \in A \text{ and } x \in (B \cup C)
xA and xB or xC\Rightarrow x \in A \text{ and } x \in B \text{ or } x \in C
xA and xB or xA and xC\Rightarrow x \in A \text{ and } x \in B \text{ or } x \in A \text{ and } x \in C
x(AB) or x(AC)\Rightarrow x \in (A \cap B) \text{ or } x \in (A \cap C)
x(AB)(AC)\Rightarrow x \in (A \cap B) \cup (A \cap C)
A(BC)(AB)(AC)\Rightarrow A \cap (B \cup C) \subseteq (A \cap B) \cup (A \cap C) ——————
पुनः x(AB)(AC)x(AB) or x(AC)\text{पुनः } x \in (A \cap B) \cup (A \cap C) \Rightarrow x \in (A \cap B) \text{ or } x \in (A \cap C)
xA and xB or xA and xC\Rightarrow x \in A \text{ and } x \in B \text{ or } x \in A \text{ and } x \in C
xA and xB or xC\Rightarrow x \in A \text{ and } x \in B \text{ or } x \in C
xA and x(BC)\Rightarrow x \in A \text{ and } x \in (B \cup C)
xA(BC)\Rightarrow x \in A \cap (B \cup C)
(AB)(AC)A(BC)\Rightarrow (A \cap B) \cup (A \cap C) \subseteq A \cap (B \cup C) ——————
सम्बन्ध (1) तथा (2) से A(BC)=(AB)(AC)\text{सम्बन्ध (1) तथा (2) से } A \cap (B \cup C) = (A \cap B) \cup (A \cap C)

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