कक्षा 10 भूगोल अध्याय 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखाएँ नोट्स एवं पीडीएफ़

कक्षा 10 भूगोल अध्याय 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखाएँ नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।

वैसे तो भूगोल एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 भूगोल अध्याय 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखाएँ नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन-रेखाएँ नोट्स

अध्याय : विनिर्माण उद्योग

महत्वपूर्ण तथ्य

परिवहन:- यात्रियों एंव वस्तुओं का एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन परिवहन कहलाता है।
व्यापारी:- जो व्यक्ति उत्पाद को परिवहन द्वारा उपभोक्ताओं तक पहुँचाते हैं उन्हें व्यापारी कहते हैं।

स्थल परिवहन:-

सड़क परिवहन:- भारत विश्व के सर्वाधिक सड़क जाल वाले देशों में से एक है। यह सड़क जाल लगभग 56 लाख किमी. है। भारत में सड़क परिवहन, रेल परिवहन से पहले प्रारंभ हुआ निर्माण तथा व्यवस्था में सड़क परिवहन रेल परिवहन की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक है।

रेल परिवहन की अपेक्षा सड़क परिवहन की बढ़ती महत्ता निम्न कारणों से है।

➔ रेलवे लाइन की अपेक्षा सड़कों की निर्माण लागत बहुत कम है।

➔ अपेक्षाकृत ऊबड़-खाबड़ व विच्छिन्न भू-भागों पर सड़कें बनाई जा सकती है।

➔ अधिक ढाल प्रवणता तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भी सड़कें निर्मित की जा सकती है।

➔ अपेक्षाकृत कम व्यक्तियों, कम दूरी व कम वस्तुओं के परिवहन में सड़क मितव्ययी है।

स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग:- भारत के वृहद् नगरों के मध्य की दूरी एंव परिवहन समय को न्यूनतम करने के लिए भारत सरकार ने दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुम्बई व दिल्ली को जोड़ने के लिए 6 लेन वाले महा राजमार्ग की सड़क परियोजना प्रारम्भ की है। जिसे स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग के नाम से जाना जाता है। यह राजमार्ग परियोजना भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है। इस परियोजना के तहत दो सड़कें बनायी गयी हैं। जिन्हें गलियारे कहा जाता है।

(i) उत्तर-दक्षिण गलियारा जो श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से जोड़ता है।

(ii) पूर्व-पश्चिम गलियारा जो सिल्चर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है।

उद्देश्य:- इस महा राजमार्ग का प्रमुख उद्देश्य भारत के मेगासिटी के मध्य की दूरी व परिवहन समय को न्यूनतम करना है।

राष्ट्रीय राजमार्ग:- राष्ट्रीय राजमार्ग देश की प्रमुख पक्की सड़कें है। जो देश के दूरस्थ भागों को जोड़ती हैं। ये प्राथमिक सड़क तंत्र हैं जिनका निर्माण व रखरखाव केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। ये सड़कें देश के एक सिरे से दूसरे सिरे तक कई राज्यों से होकर जाती हैं। तथा देश के प्रमुख नगरों, राजधानियों एवं महत्वपूर्ण पतनों को आपस में जोड़ती हैं।

राज्य राजमार्ग:- राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने वाली सड़कें राज्य राजमार्ग कहलाती हैं। इन सड़कों के निर्माण व रखरखाव का दायित्व राज्य व केन्द्रशासित प्रदेश के लोक निर्माण विभाग का होता है।

जिला मार्ग:- विभिन्न प्रशासनिक केन्द्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़कें जिला मार्ग कहलाती हैं। इन सड़कों की व्यवस्था का उत्तरदायित्व जिला परिषद् का है।

अन्य सड़कें:- इस वर्ग के अंतर्गत वे सड़कें आती हैं। जो ग्रामीण क्षेत्रों तथा गाँवों को शहरों से जोड़ती हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के कुछ विशेष प्रावधान हैं। “वे सड़कें जिन पर वर्ष भर वाहन चल सके।”

NOTE :- विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग – अटल टनल (9.02 Km) सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाई गई।

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