कक्षा 10 भूगोल अध्याय 5 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन नोट्स 10वी के छात्रो के लिय बहुत ही महत्वपूर्ण अध्ययन समाग्री हैं। 10वी कक्षा एक बोर्ड कक्षा है अतः छात्रो को बहुत ही ध्यान से अध्ययन करना चाहिय। बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा बनाया गया यह नोट्स एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया हैं।
वैसे तो भूगोल एक रोचक विषय हैं लेकिन इसमे दिय गय तथ्यों को याद रखना कठिन हो सकता है। इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए हमने कक्षा 10 भूगोल अध्याय 5 खनिज तथा ऊर्जा संसाधन नोट्स तैयार किया हैं। जिसके मदद से आप दिय गए अध्याय को अच्छे से समझ सकते हैं।
खनिज तथा ऊर्जा संसाधन नोट्स
अध्याय 6 : विनिर्माण उद्योग
महत्वपूर्ण तथ्य
खनिज:- भूवैज्ञानिको के अनुसार खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्व है जिसकी एक निश्चित आन्तरिक संरचना होती है। खनिज प्रकृति में अनेक रूपों में पाए जाते है। जिसमें कठोर हीरा व नरम चूना तक सम्मिलित है।
पृथ्वी की ऊपरी परत भूपर्पती विभिन्न प्रकार के खनिजों के योग से बनी चट्टानों से निर्मित है।
खनिजों की उपलब्धता: सामान्यतः खनिज अयस्कों में पाए जाते है। किसी भी खनिज में अन्य अवयवों या तत्वों के मिश्रण या संचयन हेतु अयस्क शब्द का प्रयोग किया जाता है। खनन का आर्थिक महत्व तभी है। जब अयस्क में खनिजों का संचयन प्रर्याप्त मात्रा में हो ।
खनिज प्रायः निम्न शैल समूहों से प्राप्त होते है
- “आग्नेय व कायान्तरित” चट्टानों में खनिज दरारों, जोड़ो, भ्रंशों व विदशे में पाये जाते है। मुख्य धात्विक खनिज जैसे जस्ता, ताँबा, सीसा आदि शिराओं व जमावों के रूप में प्राप्त होते है।
- अनेक खनिज “अवसादी चट्टानों” के अनेक खनिज संस्तरों या परतों में पाए जाते है। कोयला, जिप्सम, पोटाश, नमक व सोडियम अवसादी चट्टानों में पाए जाते है।
- खनिजों के निर्माण की एक अन्य विधि धरातलीय चट्टानों का अपघटन है। बॉक्साइट का निर्माण इसी प्रकार की चट्टानों में होता है।
- पहाड़ियों के आधार तथा घाटी तल की रेत में जलोढ़ जमाव के रूप में भी कुछ खनिज पाए जाते है। ये निक्षेप “प्लेसर निक्षेप” के नाम से जाने जाते है इन खनिजों में सोना, चाँदी, टिन व प्लेटिनम प्रमुख है।
- महासागरीय जल में भी विशाल मात्रा में खनिज पाए जाते है फिर भी सामान्य नमक , मैग्नीशियम तथा ब्रोमाइन ज्यादातर समुद्री जल से हीप्रग्रहित होते हैं।
रेट हॉल खनन:- जोवाई तथा चेरापूँजी क्षेत्र में कोयले का खनन परिवार के सदस्य द्वारा एक लम्बी संकीर्ण सुरंग के रूप में किया जाता है। जिसे “रैट होल खनन” कहते है।
भारत में लौह अयस्क की पेटियाँ :-
- ओडिशा-झारखण्ड पेटीः- उड़ीसा में उच्चकोटि का हेमेटाइट किस्म का लौह अयस्क मयूरभंज व केंदूझर जिलों में बादाम पहाड़ की खदानों से निकाला जाता है। झारखण्ड राज्य के सिंहभूमि जिलें में गुआ एवं नोआमुंडी से हेमेटाइट अयस्क प्राप्त किया जाता है।
- दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर पेटी:- लौह अयस्क की यह पेटी महाराष्ट्र एव छतीसगढ़ राज्यों में फैली हुई है। छतीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले में बेलाडिला पहाड़ी श्रृंखलाओ से उत्तम किस्म का हेमेटाइट लौह अयस्क प्राप्त होता है।
- बेलारी-चित्रदुर्ग, चिकमंगलूर-तुमकुर पेटी:- लौह अयस्क की यह पेटी कर्नाटक राज्य में स्थित है। इस पेटी में लौह अयस्क की विशाल राशि संचित है। कर्नाटक के पश्चिमी घाट में स्थित कुद्रेमुख की खानों से सम्पूर्ण लौह अयस्क का निर्यात कर दिया जाता है।
कुद्रेमुश्त विश्व के सबसे बड़े लौह अयस्क निक्षेपों में से एक है।
महाराष्ट्र-गोआ पेटी:- यह पेटी गोआ व महाराष्ट्र राज्य के रत्नागिरी जिले में स्थित है। इस पेटी से प्राप्त लौह अयस्क उत्तम किस्म का नहीं होता है। मरमागाओ बन्दरगाह से इसका निर्यात कर दिया जाता है।