कक्षा 9 विज्ञान एक बहुत ही रोचक विषय हैं। कक्षा 8 पास करने के बाद’ 9वीं कक्षा मे जाने वाले छात्र के लिय बोर्डस्टडि द्वारा बनाया गया कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 बल तथा गति के नियम नोट्स बहुत ही उपयोगी हैं। नोट्स को सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्र्म के अनुसार तैयार किया गया हैं।
यह नोट्स छात्रो मे एक मजबूत नीव का निर्माण करने मे बहुत ही उपयोगी साबित होगी। छात्रो को सलाह दी जाती है की वे कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 बल तथा गति के नियम नोट्स को बहुत ही ध्यान से पढे क्योंकि एक मजबूत नीव ही एक मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकती हैं। इसकी मदद से छात्र आने वाले बोर्ड एक्जाम एवं किसी भी प्रकार के प्रतियोगी एक्जाम के लिय अच्छे से तैयार हो जायंगे।
कक्षा 9 विज्ञान बल तथा गति के नियम नोट्स
अध्याय 7: गति
| अध्याय संख्या | 8 |
| अध्याय नाम | बल तथा गति के नियम |
| विषय | विज्ञान |
| कक्षा | 9 |
| माध्यम | हिन्दी |
कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 बल तथा गति के नियम नोट्स छात्रो के लिय बहुत ही उपयोगी हैं क्योकि इसकी मदद से छात्र एक्जाम मे पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों का जवाब आसानी से दे सकते हैं। छात्रो के पास पढ़ाई के दौरान स्वयं का नोट्स बनाने का समय नही रहता, इस स्थिति मे ये नोट्स छात्रो के लिय बहुत ही उपयोगी साबित होगा। बोर्डस्टडि पर नोट्स के अलावा और भी बहुत सारे अध्ययन सामग्री मिल जायगा।
बोर्डस्टडि छात्रो के भविष्य के लिय लगातार काम कर रही हैं। छात्र कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 बल तथा गति के नियम नोट्स का अध्ययन बहुत ही कम समय मे कर सकते हैं अतः ये छात्रो के लिय राम बाण साबित होगी। बोर्डस्टडि पर आपको 9वी कक्षा के लिय और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी। हम उम्मीद करते हैं की हमारे वैबसाइट पर दिया गया अध्ययन समाग्री आपके लिय बहुत ही मददगार साबित हो रहा होगा।
नोट्स की महत्वपूर्ण बिन्दु
किसी वस्तु में वेग का परिमाण बदलने के लिए या उसकी गति की दिशा बदलने के लिए बल का प्रयोग होता है।
बल के प्रयोग द्वारा वस्तु का आकार या आकृति भी बदली जा सकती हैं।
संतुलित और असंतुलित बल
संतुलित बलः जब पिंड को दोनों ओर से सामान बल द्वारा खींचा जाता है, तो ऐसी दशा में पिंड गति नहीं करता। इस तरह के बलों को संतुलित बल कहते हैं तथा यह गति की अवस्था को परिवर्तित नहीं करता है।
असंतुलित बलः भिन्न परिमाण के दो विपरीत बल पिंडों को जब खींचते हैं, तो पिंड अधिक बल वाली दिशा में खिसकना शुरू करता है। इस तरह के बलों को असंतुलित बल कहते हैं।
घर्षण बलः घर्षण बल दोनों संपर्क सतहों के बीच कार्य करता है। यह गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।
न्यूटन के गति विषयक नियम
गति का प्रथम नियमः प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या सरल रेखा में एक समान गति की अवस्था में बनी रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल कार्यरत ना हो।
जड़त्वः गुणात्मक रूप में किसी वस्तु के विरामावस्था में रहने या समान वेग से गतिशील रहने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं। यही कारण है कि गति के पहले नियम को जड़त्व का नियम भी कहते हैं।
किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व की माप है।
गति का द्वितीय नियम
संवेगः- वस्तु के द्रव्यमान एवं वेग के संबंध को, संवेग कहते हैं।
गति का द्वितीय नियम यह बताता है कि किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगने वाले असंतुलित बल की दिशा में बल के समानुपातिक होती है।
गति का तृतीय नियम:- गति के तीसरे नियम के अनुसार, जब एक वस्तु दूसरी वस्तु पर बल लगाती है तब दूसरी वस्तु द्वारा भी पहली वस्तु पर तात्क्षणिक बल लगाया जाता है। ये दोनों बल परिमाण में सदैव समान लेकिन दिशा में विपरीत होते हैं। यह दोनों बल सदैव युगल रूप में होते हैं। इन दोनों विरोधी बलों को क्रिया तथा प्रतिक्रिया बल कहा जाता है।
नोट्स की विशेषताएँ
- इसमे सभी जरूरी धारणाएं एवं बिन्दुओ को शामिल किया गया हैं। जिससे आप इस विषय को आसानी से रिवाइज कर सकते हो।
- कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 नोट्स एनसीईआरटी पर आधारित है इसलिए नोट्स पढने के बाद आप परीक्षा में अच्छे अंक बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकतें है |
- हमारे नोट्स का उपयोग करके आप खुद का नोट्स बानाने के परेशानी से मुक्त हो सकते हैं एवं अपना सारा ध्यान पढ़ाई पर फोकस कर सकते हैं।
- कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 8 बल तथा गति के नियम नोट्स का उपयोग एक्जाम के अंतिम समय मे तेजी से रिवीजन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिय भी कर सकते हैं।