इस पोस्ट मे हमने एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 12 रसायन शास्त्र अध्याय 1 विलयन का समाधान दिया हैं। हमने अध्याय मे मौजूद सभी प्रश्नों का समाधान सरल एवं स्पष्ट भाषा मे दिया हैं।
छात्रो के लिय विलयन अध्याय को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं। इस अध्याय की मदद से आप दो या अधिक पदार्थों के समांगी मिश्रण, उनके प्रकार, सांद्रता व्यक्त करने की विधियां (मोलरता, मोललता, मोल अंश), और विलेयता स्तर जैसी मूलभूत धारणाओ को अच्छे से समझ सकते हैं। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय इन धारणाओ को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं।
विलयन समाधान
अध्याय 2: वैधुतरसायन समाधान
अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 12 रसायन शास्त्र अध्याय 1 विलयन के महत्वपूर्ण प्रश्न
Q7. 298 K पर CO2 गैस की जल में विलेयता के लिए हेनरी स्थिरांक का मान 1.67 X 108 Pa है। 500 mL सोडा जल 2.5 atm दाब पर बंद किया गया। 298 K ताप पर घुली हुई CO2 की मात्रा की गणना कीजिए।
उत्तर: चरण I. CO2 के मोलों की गणना
हेनरी के नियमानुसार,


= 0.0422 mol
चरण II. जल में घुली CO2 के द्रव्यमान की गणना
CO2 का द्रव्यमान



Q. पहचानिए कि निम्नलिखित यौगिकों में से कौन-से जल में अत्यधिक विलेय, आंशिक रूप से विलेय तथा अविलेय हैं।
(i) फीनॉल (ii) टॉलूईन (iii) फार्मिक अम्ल (iv) एथिलीन ग्लाइकॉल (v) क्लोरोफॉर्म (vi) पेन्टेनॉल
उत्तर: (i) फीनॉल : आंशिक विलेय (कारण : फीनॉल में ध्रुवीय -OH समूह तथा अध्रुवीय C6H5-समूह उपस्थित होता है)
(ii) टॉलूईन : अविलेय (कारण : टॉलूईन अध्रुवीय है जबकि जल ध्रुवीय है)
(iii) फार्मिक अम्ल : अत्यधिक विलेय (कारण : हाइड्रोजन आबंधन)
(iv) एथिलीन ग्लाइकॉल : अत्यधिक विलेय (कारण : हाइड्रोजन आबंधन)
(v) क्लोरोफॉर्म : अविलेय (कारण : H -आबंध का निर्माण होता है यद्यपि यौगिक ध्रुवीय है)
(vi) पेन्टेनॉल : अल्प विलेय (कारण : -OH समूह ध्रुवीय है परन्तु लम्बा हाइड्रोकार्बन अंश अध्रुवीय है।)