रसायनशास्त्र एक बहुत ही कठिन विषय है खासकर इसमे दिय गय रासायनिक समीकरण इस विषय को और भी कठिन बना देते हैं। यहाँ हमने एनसीईआरटी कक्षा 11 रसायनशास्त्र अध्याय 04 रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना समाधान दिया हैं। बोर्डस्टडि द्वारा दिया गया कक्षा 11 रसायनशास्त्र समाधान एनसीईआरटी पुस्तक के अनुसार तैयार किए गए हैं।
यह समाधान छात्रो मे आत्मविश्वास लाने का काम करेगा एवं परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने मे मदद करेगा। इस अध्याय की मदद से आप आयनिक एवं सहसंयोजक बंध, वैलेन्स बॉन्ड सिद्धांत , VSEPR सिद्धांत, हाइब्रिडाइजेशन, बंध की ध्रुवीयता तथा अणुओं की ज्यामिति जैसी मूलभूत धारणाओ से जुड़ी सभी प्रश्न और उत्तर को अच्छे से समझ सकते हैं। समाधान मे सभी आवधारनाओ को सरल एवं आसान भाषा मे समझाया गया हैं।
रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना समाधान
अध्याय 03 : तत्वों का वर्गीकरण
अध्याय 05 : ऊष्मागतिकी
एनसीईआरटी अध्याय 04 रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना के महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न. ध्रुवीय सहसंयोजी आबंध से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर : ध्रुवीय सहसंयोजी आबंध—सहसंयोजी आबंध से बंधे परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता समान नहीं होती है; जैसे— अणु में इलेक्ट्रॉन F परमाणु की ओर अधिक होते हैं, क्योंकि इसकी विद्युत ऋणात्मकता अधिक होती है।

जहाँ

एवं

आवेश क्षमता को दर्शाते हैं।
प्रश्न 4.6. आयनिक आबंध बनाने के लिए अनुकूल कारकों को लिखिए।
उत्तर : आयनिक आबंध का विरचन मुख्य रूप से निम्न कारकों पर निर्भर करता है—
(i) किसी आयनिक यौगिक के स्थायित्व का गुणात्मक मान उस यौगिक के विरचन जालक एन्थैल्पी के ऊपर निर्भर करती है न कि गैसीय अवस्था में उस आयनिक स्पीशीज द्वारा ऑक्टेट प्राप्ति की दर पर।
(i) किसी आयनिक ठोस के एक मोल यौगिक को गैसीय अवस्था में संघटक आयनों में पृथक करने के लिए आवश्यक ऊर्जा को जालक एन्थैल्पी कहते हैं। यह मान अधिक होना चाहिए।

(iii) आयनिक आबंध निम्न आयनन एन्थैल्पी तथा अपेक्षाकृत निम्न इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी वाले तत्त्वों के बीच सरलता से बनते हैं।

जैसे — Na, K, Mg, Ca आदि।
(iv) उदासीन परमाणु से सम्बन्धित धनायनों एवं ऋणायनों के बनने की सरलता।
(v) धनायनों एवं ऋणायनों की ठोस में व्यवस्थित होने की विधि।