कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 6 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति समाधान पीडीएफ़

बोर्डस्टडि एक्सपेर्ट द्वारा तैयार किया गया कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 6 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति समाधान एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। समाधान को बहुत ही आसान भाषा मे दिया गया है ताकि छात्रो को समझने मे कोई दिक्कत न हो।

कक्षा 11 को अच्छे से पढ़ना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यह कक्षा 12 के लिय आधार बनाने का काम करती है। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय सभी प्रश्नों का उत्तर कुशल तरीके से दिया जाना बहुत ही जरूरी हैं। कणों के निकाय तथा घूर्णी गति छात्रो के लिय बहुत ही मददगार साबित होगा। बोर्डस्टडि पर आपको कक्षा 11 से संबधित और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी।

कार्य, ऊर्जा तथा शक्ति समाधान

अध्याय 5: कार्य, ऊर्जा तथा शक्ति
अध्याय 7: गुरुत्वाकर्षण

अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।

एनसीईआरटी अध्याय 6 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति के महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न . 20 kg द्रव्यमान का कोई ठोस सिलिंडर अपने अक्ष के परितः 100 rad/s की कोणीय चाल से घूर्णन कर रहा है। सिलिंडर की त्रिज्या 0.25 m है। सिलिंडर के घूर्णन से संबद्ध गतिज ऊर्जा क्या है? सिलिंडर का अपने अक्ष के परितः कोणीय संवेग का परिमाण क्या है?

उत्तर : दिया है, M = 20 kg

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बेलन की घूर्णन ऊर्जा

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प्रश्न . स्पष्ट कीजिए कि प्रश्न 28 के चित्र में अंकित दिशा में चक्रिका की लोटनिक गति के लिए घर्षण होना आवश्यक क्यों है?

(a) B पर घर्षण बल की दिशा तथा परिशुद्ध लुढ़कन आरम्भ होने से पूर्व घर्षण बल आघूर्ण की दिशा क्या है?

(b) परिशुद्ध लोटनिक गति आरम्भ होने के पश्चात् घर्षण बल क्या है?

उत्तर : चक्रिका की लोटनिक गति के लिए, बल आघूर्ण की आवश्यकता होती है जो केवल स्पर्शीय बल द्वारा प्राप्त कराया जा सकता है। घर्षण बल चक्रिका पर कार्य करने वाला स्पर्श रेखीय बल है। अतः चक्रिका की लोटनिक गति के लिए घर्षण होना आवश्यक है।

घर्षण बल आघूर्ण की दिशा कोणीय गति के विपरीत है (जिसकी दिशा कागज के तल के लम्बवत् अन्दर की ओर है।)

अतः घर्षण बल आघूर्ण की दिशा कागज के तल के लम्बवत् बाहर की ओर होगी।

(b) परिशुद्ध लोटनिक गति आरम्भ होने पर B बिन्दु पर वेग शून्य हो जाता है और इसलिए घर्षण बल शून्य होगा।

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