इस पोस्ट मे हमने एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा 12 भौतिकी अध्याय 6 वैधुतचुम्बकीय प्रेरण का समाधान दिया हैं। हमने अध्याय मे मौजूद सभी प्रश्नों का समाधान सरल एवं स्पष्ट भाषा मे दिया हैं।
छात्रो के लिय वैधुतचुम्बकीय प्रेरण अध्याय को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं। इस अध्याय की मदद से आप फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम, लेंज़ का नियम और बदलते चुंबकीय क्षेत्रों के माध्यम से विद्युत धाराओं का उत्पादन जैसी मूलभूत धारणाओ को अच्छे से समझ सकते हैं। परीक्षा मे अच्छा स्कोर करने के लिय इन धारणाओ को अच्छे से समझना बहुत जरूरी हैं।
वैधुतचुम्बकीय प्रेरण समाधान
अध्याय 5: चुंबकत्व एवं द्रव्य
अध्याय को अच्छे से समझने के लिय अध्याय मे दिय गय सभी प्रश्नों एवं अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी हैं। पिछले वर्ष का प्रश्न पत्र हल करना भी एक्जाम की तैयारी मे काफी मददगार साबित होता हैं।
एनसीईआरटी अध्याय 6 वैधुतचुम्बकीय प्रेरण के महत्वपूर्ण प्रश्न
Q5. 1.0 m लम्बी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलम्बवत् अक्ष के परितः 400 rad/s की कोणीय आवृत्ति से घूर्णन कर रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक धात्विक वलय से सम्पर्कित है। अक्ष के अनुदिश सभी जगह 0.5T का एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र उपस्थित है। वलय तथा अक्ष के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए।
छड़ की लम्बाई l=1m
छड़ का कोणीय वेग w = 400 rad/s
चुम्बकीय क्षेत्र B = 0.5T
दृढ़ सिरे का रेखीय वेग = 0
अन्य सिरे का रेखीय वेग = lw




अतः केन्द्र तथा वलय के बीच उत्पन्न वि.वा. बल 100V है।
Q8. किसी परिपथ में 0.1s में धारा 5.0A से 0.0A तक गिरती है। यदि औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल 200v है तो परिपथ में स्वप्रेरकत्व का आकलन कीजिए।
धारा में परिवर्तन dl = 5- 0 = 5A
धारा परिवर्तन में लिया गया समय dt = 0.1s
प्रेरित औसत वि.वा. बल e = 200v
परिपथ में प्रेरित वि.वा. बल


