कक्षा 9 विज्ञान एक बहुत ही रोचक विषय हैं। कक्षा 8 पास करने के बाद 9वीं कक्षा मे जाने वाले छात्र के लिय बोर्डस्टडि द्वारा बनाया गया कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स बहुत ही उपयोगी हैं। नोट्स को सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों द्वारा एनसीईआरटी के नवीनतम पाठ्यक्र्म के अनुसार तैयार किया गया हैं।
यह नोट्स छात्रो मे एक मजबूत नीव का निर्माण करने मे बहुत ही उपयोगी साबित होगी। छात्रो को सलाह दी जाती है की वे कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स को बहुत ही ध्यान से पढे क्योंकि एक मजबूत नीव ही एक मजबूत भविष्य का निर्माण कर सकती हैं। इसकी मदद से छात्र आने वाले बोर्ड एक्जाम एवं किसी भी प्रकार के प्रतियोगी एक्जाम के लिय अच्छे से तैयार हो जायंगे।
कक्षा 9 विज्ञान खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स
अध्याय 11: ध्वनि नोट्स
| अध्याय संख्या | 12 |
| अध्याय नाम | खाद्य संसाधनों में सुधार |
| विषय | विज्ञान |
| कक्षा | 9 |
| माध्यम | हिन्दी |
कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स छात्रो के लिय बहुत ही उपयोगी हैं क्योकि इसकी मदद से छात्र एक्जाम मे पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों का जवाब आसानी से दे सकते हैं। छात्रो के पास पढ़ाई के दौरान स्वयं का नोट्स बनाने का समय नही रहता, इस स्थिति मे ये नोट्स छात्रो के लिय बहुत ही उपयोगी साबित होगा। बोर्डस्टडि पर नोट्स के अलावा और भी बहुत सारे अध्ययन सामग्री मिल जायगा।
बोर्डस्टडि छात्रो के भविष्य के लिय लगातार काम कर रही हैं। छात्र कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स का अध्ययन बहुत ही कम समय मे कर सकते हैं अतः ये छात्रो के लिय राम बाण साबित होगी। बोर्डस्टडि पर आपको 9वी कक्षा के लिय और भी अध्ययन समाग्री मिल जायगी। हम उम्मीद करते हैं की हमारे वैबसाइट पर दिया गया अध्ययन समाग्री आपके लिय बहुत ही मददगार साबित हो रहा होगा।
खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स की महत्वपूर्ण बिन्दु
फसल उत्पादन को बढ़ाने में हरित क्रांति (फसलों से संबंधित) तथा श्वेत क्रांति (दुग्ध उत्पादन) जैसे प्रयास कुछ सीमा तक सफल रहे। परंतु इन क्रांतियों से प्राकृतिक सपदाओं का बहुत अधिक उपयोग हुआ। जिसके परिणाम स्वरूप प्राकृतिक संतुलन बिगड़न का खतरा बढ़ गया। इसलिए कृषि तथा पशुपालन के लिए संपूषणीय प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है।
फसल उत्पादन प्रबंधनः किसान की लागत क्षमता फसल तंत्र तथा उत्पादन प्रणालियों का निर्धारण करती है। इसलिए उत्पादन प्रणालियाँ भी विभिन्न स्तर की हो सकती हैं- ‘बिना लागत’ उत्पादन, ‘अल्प लागत’ उत्पादन तथा ‘अधिक लागत’ उत्पादन प्रणालियाँ ।
वर्मी- कंपोस्टः कंपोस्ट में कार्बनिक पदार्थ तथा पोषक बहत अधिक मात्रा में होते हैं। कंपोस्ट को केचुओं द्वारा पौधों तथा जानवरों के अपशिष्ट पदार्थों के शीघ्र निरस्तीकरण की प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है।
हरी खादः फसल उगाने से पहले खेतों में कुछ पौधे; जैसे- पटसन, मूंग आदि उगा देते हैं और तत्पश्चात उन पर हल चलाकर खेत की मिट्टी में मिला दिया जाता है। ये पौधे हरी खाद में परिवर्तित होकर मिट्टी को नाइट्रोजन तथा फॉस्फोरस से परिपूर्ण करने में सहायक होते हैं।
उर्वरकः उर्वरक व्यवसायिक रूप में तैयार पादप पोषक हैं। उर्वरक नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटैशियम प्रदान करते हैं। इनके उपयोग से पौधों में अच्छी कायिक वृद्धि होती है।
सिंचाई: भारत में अधिकांश खेती वर्षा पर आधारित है अर्थात अधिकांश क्षेत्रों में फसल की उपज, समय पर मानसून आने तथा वृद्धि काल में उचित वर्षा होने पर निर्भर करता हैं।
अंतराफसलीकरणः इसमें दो अथवा दो से अधिक फसलों को एक साथ एक ही खेत में निर्दिष्ट पैटर्न पर उगाते हैं। जैसे- सोयाबीन + मक्का अथवा बाजरा+लोबिया
- फसल सुरक्षा प्रबंधनः खेतों में फसल खर-पतवार कीट, पीड़क तथा रोगों से प्रभावित होती हैं।
- खर-पतवार: यह कृषि योग्य भूमि में अनावश्यक पौधे होते हैं, उदाहरण गोखरू (जेंथियम), गाजर घास (पारथेनियम) व मोथा (साइरेनस रोटेंडस)। ये खर-पतवार भोजन, स्थान तथा प्रकाश के लिए स्पर्धा करते हैं।
- प्रायः कीट-पीड़क पौधों के मूल, तने तथा पत्तियों को काटकर तथा कोशिकीय रस को चूसकर, तने और फलों में छिद्र कर फसल को खराब करते हैं।
एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 नोट्स की विशेषताएँ
- इसमे सभी जरूरी धारणाएं एवं बिन्दुओ को शामिल किया गया हैं। जिससे आप इस विषय को आसानी से रिवाइज कर सकते हो।
- कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 नोट्स एनसीईआरटी पर आधारित है इसलिए नोट्स पढने के बाद आप परीक्षा में अच्छे अंक बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकतें है |
- हमारे नोट्स का उपयोग करके आप खुद का नोट्स बानाने के परेशानी से मुक्त हो सकते हैं एवं अपना सारा ध्यान पढ़ाई पर फोकस कर सकते हैं।
- कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 खाद्य संसाधनों में सुधार नोट्स का उपयोग एक्जाम के अंतिम समय मे तेजी से रिवीजन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिय भी कर सकते हैं।
FAQ
अनाज का भंडारण क्यो करते हैं?
अनाज को जैविक तथा अजैविक कारकों से बचाने के लिए उचित भंडारण का प्रबंधन आवश्यक है।
पशुपालन क्या हैं?
पशुधन के प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं। इसके अंतर्गत पशुओं को भोजन देना, प्रजनन तथा रोगों पर नियंत्रण आदि कार्य आते हैं।