एनसीईआरटी कक्षा 11 गणित अध्याय 14 प्रायिकता नोट्स

कक्षा 11 एक बहुत ही महत्वपूर्ण कक्षा हैं| ये 12th क्लास के लिए आधार का काम करता हैं। कक्षा 12 में मजबूत पकड़ बनाने के लिय कक्षा 11 को मजबूत करना बहुत ही जरूरी हैं। गणित वैसे भी एक रोचक विषय हैं लेकिन काफ़ी बच्चों को इसमें कठिनाई महसूस होती हैं। इसलिय हमने कक्षा 11 गणित अध्याय 14 प्रायिकता नोट्स दिया हैं जो की बोर्ड स्टडी एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया हैं।

जेईई और बोर्ड दोनों एग्जाम के तैयारी के लिए कक्षा 11 गणित अध्याय 14 प्रायिकता नोट्स बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसमें प्रायिकता अध्याय के सभी कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया गया हैं जिससे छात्रों को समझने में आसानी हो।

प्रायिकता नोट्स

अध्याय 13: सांख्यिकी

नोट्स को बहुत ही अच्छे एवं सुव्यवस्थित ढंग से लिखा गया हैं जिससे छात्र को नोट्स पढ़ने के दौरान कोई कठिनाई न हों। इसका उपयोग छात्र अपने नियमित अध्यन के समय एवं एग्जाम के समय में भी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

सामान्यतः प्रयोग दो प्रकार के होते हैं; वे प्रयोग जिनके परिणाम निश्चित होते हैं; जैसे काँच का अपवर्तनांक 1.5 आता है; चाहे प्रयोग कितनी ही बार क्यों न किया जाय; तथा दूसरे वे प्रयोग जिनके परिणाम निश्चित नही होते यथा सिक्के को उछालने पर चित या पट का प्राप्त होना। प्रायिकता में इसी प्रकार के प्रयोगों का अध्ययन किया जाता है।

यादृच्छिक परीक्षण (RANDOM EXPERIMENT)

वे प्रयोग जिनके परिणाम निश्चित नहीं होते हैं; यादृच्छिक परीक्षण कहलाते हैं। इन प्रयोगों को बार बार दोहराने पर विभिन्न परिणाम प्राप्त होते हैं।

उदाहरणार्थ – ताश के 52 पत्तों की एक गड्डी में से एक पत्ता खींचना यादृच्छिक परीक्षण है।

परिणाम (OUTCOMES)

यादृच्छिक परीक्षण के सम्भावित नतीजे परिणाम कहलाते हैं।

उदाहरणार्थ – एक पाँसे को उछालने पर सम्भावित परिणाम 1; 2; 3; 4; 5 व 6 हैं।

प्रतिदर्श समष्टि (SAMPLE SPACE)

किसी यादृच्छिक परीक्षण के सभी सम्भावित परिणामों का समुच्चय उस परीक्षण का प्रतिदर्श समष्टि कहलाता है। इसे अक्षर S से प्रदर्शित किया जाता है।

उदाहरणार्थ – एक पाँसे को उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि {1; 2; 3; 4; 5; 6} है।

घटना (EVENT)

प्रतिदर्श समष्टि का कोई उपसमुच्चय घटना कहलाती है।

उदाहरणार्थ- एक सिक्के की उछाल में प्रतिदर्श समष्टि {H, T} है; एक घटना H है और दूसरी घटना T है।

निःशेष घटनायें (EXHAUSTIVE EVENTS)

E1, E2, E3, E4, E5, E6,…………En किसी प्रतिदर्श समष्टि S की n घटनायें हैं और E1U E2U E3UE4U E5UE6U…………UEn=S तो E1, E2, E3, E4, E5, E6,…………En निःशेष घटनायें कहते हैं।

उदाहरण- एक पाँसे की एक उछाल में प्रतिदर्श समष्टि

S = {1,2,3,4,5,6}

यदि E1 = ऊपर विषम संख्या आने की घटना

= {1,3,5}

E2 = ऊपर 1 से अधिक संख्या के संख्या आने की घटना

E1U E2={1,2,3,4,5,6}

= S

अतः E1 और E2 निःशेष घटनायें हैं।

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